पुलिस-नक्सली मुठभेड़
उत्तर बस्तर कांकेर जिले में हुई पुलिस-नक्सली मुठभेड़ मामले में जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने छोटेबेठिया थाना क्षेत्र के ग्राम माचपल्ली जंगल-पहाड़ी में हुई मुठभेड़ की दण्डाधिकारी जांच के आदेश जारी किए हैं।
इस मामले की जांच के लिए पखांजूर के एसडीएम श्री मनीष देव साहू को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। प्रशासन ने उन्हें 15 दिनों के भीतर विस्तृत जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, कोयलीबेड़ा विकासखंड के छोटेबेठिया थाना अंतर्गत ग्राम माचपल्ली के जंगल क्षेत्र में 13 अप्रैल 2026 को पुलिस और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई थी।
इस मुठभेड़ के दौरान एक अज्ञात महिला माओवादी की मौत हो गई थी। घटना के बाद पुलिस अधीक्षक द्वारा मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई थी। इसके आधार पर जिला प्रशासन ने दण्डाधिकारी जांच का आदेश जारी किया।
जांच में किन बिंदुओं पर होगी पड़ताल?
प्रशासन ने जांच अधिकारी को 11 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इनमें शामिल हैं:
- घटना की पूरी पृष्ठभूमि
- सर्चिंग अभियान से जुड़े विभागीय आदेश
- क्या मुठभेड़ पूर्व नियोजित नक्सली हमला था?
- महिला माओवादी की मौत कैसे हुई?
- मृत नक्सली की पहचान और आपराधिक रिकॉर्ड
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चिकित्सकीय राय
- पुलिस बल या नागरिकों को हुई क्षति
- घटनास्थल से बरामद सामग्री का विवरण
- आसपास के ग्रामीणों के बयान और गवाही
- पुलिस एफआईआर और विवेचना रिपोर्ट
- प्रेस विज्ञप्ति, समन और अन्य दस्तावेजों की जानकारी
निष्पक्ष जांच पर प्रशासन का जोर
जिला प्रशासन का कहना है कि घटना की गंभीरता को देखते हुए पारदर्शी और निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से दण्डाधिकारी स्तर पर जांच कराई जा रही है ताकि हर पहलू सामने आ सके।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान सभी तथ्यों, दस्तावेजों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान को ध्यान में रखा जाएगा।
नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने से बढ़ी संवेदनशीलता
कांकेर जिला लंबे समय से नक्सल प्रभावित इलाकों में शामिल रहा है। ऐसे में पुलिस और माओवादियों के बीच होने वाली मुठभेड़ की घटनाएं सुरक्षा एजेंसियों के लिए बेहद संवेदनशील मानी जाती हैं।
माचपल्ली जंगल क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई थी। अब दण्डाधिकारी जांच के आदेश के बाद लोगों की नजर प्रशासनिक रिपोर्ट पर टिक गई है।
15 दिन में आएगी रिपोर्ट
जांच अधिकारी एसडीएम पखांजूर को निर्देश दिया गया है कि वे सभी तथ्यों की गहन जांच कर निर्धारित प्रारूप में प्रतिवेदन तैयार करें और 15 दिवस के भीतर जिला प्रशासन को सौंपें।
इस जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि कानून के दायरे में रहकर पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा किया जाएगा।