Mahasamund News: सरकारी मदद का इंतजार छोड़ा! ‘अपना काम खुद कर लो’ के मूलमंत्र से इस गांव के लोगों ने बदल दी तस्वीर, बना मिसाल

महासमुंद: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से एक ऐसी प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जो विकास के नए आयाम गढ़ रही है। जिले के ग्राम लाफिन कला के ग्रामीणों ने सरकारी बजट या प्रशासनिक सहायता का इंतजार करने के बजाय खुद ही अपने गांव की तकदीर और तस्वीर बदलने का बीड़ा उठाया है। “अपना काम खुद कर लो” के ध्येय वाक्य के साथ आगे बढ़ रहे इस गांव ने दूसरों के लिए एक मिसाल पेश की है।

सरकारी फंड का नहीं किया इंतजार

करीब 1200 की आबादी वाले लाफिन कला गांव के लोगों ने यह ठान लिया कि छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए शासन-प्रशासन या जनप्रतिनिधियों के फंड का इंतजार करने में वक्त बर्बाद नहीं करना है। ग्रामीणों ने आपसी जनसहयोग और ग्राम फंड के जरिए ही अपने गांव को संवारना शुरू कर दिया। आज स्थिति यह है कि गांव में कई बड़े विकास कार्य सिर्फ जनता की सहभागिता से पूरे हो चुके हैं।

जनसहयोग से हुए ये बड़े काम

ग्रामीणों ने मिलकर अब तक अपने बूते पर कई शानदार कार्य किए हैं:

  • भव्य मंदिर का निर्माण: गांव के तालाब के बीचों-बीच करीब 25 लाख रुपये की लागत से एक बेहद आकर्षक मंदिर का निर्माण जनसहयोग से कराया जा रहा है।
  • सड़कों का सुधारीकरण: आने-जाने में होने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए ग्रामीणों ने खुद के खर्चे और श्रमदान से कच्ची सड़कों का मुरूमीकरण और कंक्रीट सड़कें बनवाई हैं।
  • गौठान का कंक्रीटकरण: अब ग्रामीणों ने करीब 40 हजार वर्गफीट क्षेत्र में फैले गौठान को पक्का करने का बीड़ा उठाया है। इसमें से करीब 18 हजार वर्गफीट हिस्से में कंक्रीट ढलाई का काम पूरा भी हो चुका है।

मवेशियों की परेशानी हुई दूर

ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में गौठान में कीचड़ हो जाता था, जिससे मवेशियों को बैठने में भारी दिक्कत होती थी और गोबर भी कीचड़ में मिल जाता था। इस परेशानी से निजात पाने के लिए गौठान को कंक्रीट किया जा रहा है। इससे पशुओं के बैठने के लिए पक्की जगह मिलने के साथ-साथ भविष्य में गांव के बड़े सार्वजनिक आयोजनों के लिए एक विशाल मैदान भी तैयार हो जाएगा।

अब तक मंदिर, सड़क और अन्य विकास कार्यों पर करीब 50 लाख रुपये का खर्च आपसी सहयोग से किया जा चुका है। ग्रामीणों की इस अनूठी पहल की तारीफ अब खुद जिला प्रशासन भी कर रहा है। महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने ग्रामीणों की सराहना करते हुए कहा कि जनभागीदारी की यह पहल बेहद शानदार है और राज्य की अन्य ग्राम पंचायतों को भी इससे प्रेरणा लेनी चाहिए।

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