Breast Cancer Symptoms
टीवी की लोकप्रिय शेफ और ‘MasterChef India Season 1’ की विनर पंकज भदौरिया ने हाल ही में अपने फैंस के साथ एक भावुक जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि वह ब्रेस्ट कैंसर से जूझ रही हैं और उनका इलाज चल रहा है। सोशल मीडिया पर यह खबर सामने आते ही उनके चाहने वाले उनकी जल्द रिकवरी की दुआ करने लगे।
पंकज भदौरिया हमेशा अपनी शानदार रेसिपीज और घरेलू टिप्स के लिए जानी जाती हैं, लेकिन इस बार उन्होंने महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने वाला बेहद जरूरी संदेश दिया है। डॉक्टरों का कहना है कि ब्रेस्ट कैंसर को अगर शुरुआती स्टेज में पहचान लिया जाए, तो इलाज काफी आसान और प्रभावी हो सकता है।
ब्रेस्ट कैंसर के शुरुआती लक्षण जिन्हें महिलाएं अक्सर कर देती हैं नजरअंदाज
राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर के सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर वरुण गोयल के अनुसार, ब्रेस्ट कैंसर के कई लक्षण बहुत सामान्य दिखाई देते हैं। यही वजह है कि महिलाएं इन्हें हार्मोनल बदलाव या छोटी समस्या समझकर इग्नोर कर देती हैं।
ये लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:
- ब्रेस्ट या उसके आसपास लगातार खुजली होना
- स्किन का मोटा या सख्त महसूस होना
- ब्रेस्ट की त्वचा लाल दिखना
- निप्पल का अंदर की ओर धंसना
- कंधे या बाजू में लगातार दर्द रहना
- अंडरआर्म्स में सूजन महसूस होना
- एक तरफ के ब्रेस्ट में भारीपन लगना
ऐसे संकेत जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं
डॉक्टर वरुण गोयल ने बताया कि कई महिला मरीजों में कुछ बेहद मामूली बदलाव भी ब्रेस्ट कैंसर के शुरुआती संकेत बने।
इनमें शामिल हैं:
- निप्पल के आसपास एक्जिमा जैसी समस्या
- दोनों ब्रेस्ट के साइज में अचानक अंतर दिखना
- त्वचा का सिकुड़ना या खिंचाव महसूस होना
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ये बदलाव कुछ हफ्तों तक बने रहें, तो तुरंत मेडिकल जांच करवानी चाहिए।
हार्मोनल बदलाव समझने की गलती पड़ सकती है भारी
अक्सर महिलाएं पीरियड्स या हार्मोनल बदलाव का कारण मानकर शरीर में हो रहे बदलावों को नजरअंदाज कर देती हैं। लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि अगर कोई नया बदलाव लंबे समय तक बना रहे, तो उसे सामान्य मानना खतरनाक हो सकता है।
समय पर जांच कराने से बीमारी का पता जल्दी चलता है और इलाज की सफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है।
क्या हर मरीज को कीमोथेरेपी जरूरी होती है?
आज के समय में ब्रेस्ट कैंसर का इलाज पहले की तुलना में काफी एडवांस हो चुका है। अब हर मरीज को कीमोथेरेपी की जरूरत नहीं पड़ती।
आधुनिक इलाज के विकल्प:
- हार्मोनल थेरेपी
- टारगेटेड थेरेपी
- इम्यूनोथेरेपी
- HER2-Targeted Treatment
- ओरल टारगेटेड मेडिसिन
डॉक्टर मरीज की स्थिति और कैंसर के प्रकार के अनुसार इलाज तय करते हैं।
महिलाओं के लिए जरूरी सलाह
विशेषज्ञों के अनुसार:
- हर महिला को नियमित सेल्फ-ब्रेस्ट एग्जाम करना चाहिए
- 40 साल की उम्र के बाद नियमित मैमोग्राफी करवानी चाहिए
- शरीर में किसी भी बदलाव को हल्के में नहीं लेना चाहिए
- फैमिली हिस्ट्री होने पर ज्यादा सतर्क रहना जरूरी है
जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव
पंकज भदौरिया की यह खबर सिर्फ एक सेलिब्रिटी अपडेट नहीं, बल्कि महिलाओं के लिए एक बड़ा जागरूकता संदेश भी है। ब्रेस्ट कैंसर के शुरुआती संकेतों को पहचानकर और समय पर जांच करवाकर इस बीमारी से लड़ाई आसान बनाई जा सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जागरूकता, नियमित जांच और समय पर इलाज ही ब्रेस्ट कैंसर के खिलाफ सबसे मजबूत हथियार हैं।