छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्र
छत्तीसगढ़ की राजनीति के लिए आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है, जो 17 जुलाई 2026 तक चलेगा। पांच दिनों के इस सत्र में कुल पांच बैठकें आयोजित होंगी। सरकार जहां नौ महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक सदन में पेश करने जा रही है, वहीं विपक्ष किसानों की समस्याओं, नवा रायपुर के नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई और प्रदेश की कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है।
सत्र शुरू होने से पहले ही राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस ने पहले ही दिन नकटी गांव के मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव लाने के संकेत दिए हैं। ऐसे में विधानसभा के पहले दिन से ही तीखी बहस और हंगामे की संभावना जताई जा रही है।
सरकार के सामने होंगे कई बड़े सवाल
इस बार मानसून सत्र में सरकार को विभिन्न विभागों से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवालों का जवाब देना होगा। विधानसभा सचिवालय के अनुसार, इस सत्र के लिए कुल 1033 प्रश्न प्राप्त हुए हैं। इनमें 36 विधायकों ने विधानसभा नियमों के तहत अधिकतम 20-20 प्रश्न लगाए हैं।
सबसे खास बात यह है कि सवाल पूछने वालों में केवल विपक्ष के विधायक ही नहीं, बल्कि सत्ता पक्ष के विधायक भी शामिल हैं। इससे स्पष्ट है कि सदन में जनहित से जुड़े कई अहम मुद्दों पर गंभीर चर्चा होने की संभावना है।
विपक्ष इन मुद्दों पर करेगा सरकार को घेरने की कोशिश
मानसून सत्र के दौरान विपक्ष कई प्रमुख विषयों को लेकर सरकार से जवाब मांगेगा। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
- नवा रायपुर के नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई।
- किसानों की समस्याएं और कृषि से जुड़े मुद्दे।
- प्रदेश की कानून-व्यवस्था।
- विकास कार्यों की प्रगति।
- जनहित से जुड़े प्रशासनिक निर्णय।
कांग्रेस का कहना है कि नकटी गांव का मुद्दा प्रभावित ग्रामीणों से जुड़ा हुआ है और इसे लेकर सरकार से जवाब मांगा जाएगा।
नौ महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक होंगे पेश
इस पांच दिवसीय सत्र के दौरान राज्य सरकार नौ महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक विधानसभा में पेश करेगी। इन विधेयकों पर सदन में चर्चा होने के बाद उन्हें पारित कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
इन प्रस्तावित संशोधनों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच विस्तृत बहस होने की संभावना है, जिससे सदन की कार्यवाही काफी महत्वपूर्ण रहने वाली है।
पहले दिन तीजन बाई को दी जाएगी श्रद्धांजलि
मानसून सत्र के पहले दिन विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले दिवंगत पद्म विभूषण पंडवानी गायिका तीजन बाई को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। श्रद्धांजलि के बाद सदन की नियमित कार्यवाही प्रारंभ होगी।
इसके बाद प्रश्नकाल, शून्यकाल और शासकीय कार्य निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संचालित किए जाएंगे।
अंतिम दिन गैर-शासकीय कार्यों पर होगी चर्चा
विधानसभा की शुरुआती चार बैठकों में प्रश्नकाल और शासकीय कार्य प्रमुख रहेंगे। वहीं 17 जुलाई 2026 को सत्र के अंतिम दिन गैर-शासकीय कार्यों पर चर्चा और उनका निपटारा किया जाएगा।
प्रदेश की राजनीति पर रहेगी सबकी नजर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मानसून सत्र कई महत्वपूर्ण मुद्दों के कारण काफी हंगामेदार हो सकता है। किसानों की समस्याएं, नकटी गांव विवाद, कानून-व्यवस्था और सरकार द्वारा लाए जाने वाले संशोधन विधेयक सदन में बहस के केंद्र में रहेंगे।
आने वाले पांच दिनों तक विधानसभा की कार्यवाही पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी रहेंगी। सत्ता पक्ष अपनी योजनाओं और विधेयकों को आगे बढ़ाने का प्रयास करेगा, जबकि विपक्ष जनहित के मुद्दों को उठाकर सरकार को जवाबदेह बनाने की कोशिश करेगा। ऐसे में यह मानसून सत्र छत्तीसगढ़ की राजनीति की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण सत्र साबित हो सकता है।