अगर आप भी मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर होल्डर हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। रिलायंस इंडस्ट्रीज अगले हफ्ते शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026 को वित्तीय वर्ष 2026-26 (FY26) की चौथी तिमाही के अपने वित्तीय परिणामों की घोषणा करेगी। इस बैठक में कंपनी का बोर्ड डिविडेंड देने पर भी विचार करेगा, जो कि निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत हो सकता है।
रिलायंस का डिविडेंड इतिहास:
पिछले कुछ सालों में रिलायंस ने अपने शेयरधारकों को अच्छा डिविडेंड दिया है। 2025 में, रिलायंस ने प्रति शेयर 5.50 रुपये का फाइनल डिविडेंड दिया था। इससे पहले भी कंपनी ने क्रमशः 10 रुपये (अगस्त 2024), 9 रुपये (अगस्त 2023) और 8 रुपये (अगस्त 2022) का डिविडेंड घोषित किया था। इसके चलते निवेशकों की निगाहें इस बार के डिविडेंड पर भी टिकी हुई हैं।
कंपनी का बयान:
रिलायंस ने अपने ऑफिशियल बयान में कहा कि बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक 24 अप्रैल को होगी। इस बैठक में मुख्य रूप से 31 मार्च 2026 को समाप्त तिमाही और वर्ष के लिए कंपनी के स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड ऑडिटेड वित्तीय नतीजों पर विचार किया जाएगा और मंजूरी दी जाएगी। इसके अलावा, इस बैठक में डिविडेंड देने की सिफारिश की जाएगी, जो निवेशकों के लिए एक स्वागत योग्य कदम हो सकता है।
मार्च तिमाही से क्या उम्मीदें हैं?
मार्च तिमाही का आखिरी महीना पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण थोड़ी रुकावटों वाला रहा, लेकिन रिलायंस इंडस्ट्रीज पर इसका असर ज्यादा नहीं पड़ने की संभावना है। कंपनी के ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस में स्थिरता की उम्मीद जताई जा रही है, खासकर रिटेल सेक्टर में स्थिर प्रदर्शन और टेलीकॉम बिजनेस में जारी तेजी के कारण।
ब्रोकरेज का अनुमान:
ब्रोकरेज के अनुमानों के अनुसार, कंसोलिडेटेड एबिटा में सालाना आधार पर (YoY) 10% की बढ़त हो सकती है, जबकि स्टैंडअलोन एबिटा में 18% की बढ़त संभव है। सिस्टमैटिक्स इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने कहा कि रिलायंस ₹47,600 करोड़ का कंसोलिडेटेड एबिटा रिपोर्ट कर सकती है, जो 8.5% सालाना वृद्धि और 3.4% तिमाही आधार पर वृद्धि हो सकती है।
O2C एबिटा में सुधार:
O2C (ऑयल एंड पेट्रोकेमिकल्स) के एबिटा में 18% की सालाना वृद्धि और 8% तिमाही आधार पर वृद्धि हो सकती है। इसका कारण डीजल क्रैक में सुधार हो सकता है, जिससे रिलायंस को मदद मिल सकती है।
जियो के प्रदर्शन की उम्मीदें:
ब्रोकरेज के अनुसार, जियो का रेवेन्यू तिमाही-दर-तिमाही लगभग 2.5% बढ़ने की संभावना है, जिसका मुख्य कारण सब्सक्राइबर बेस में लगभग 0.6% की बढ़ोतरी और ARPU (एवरेज रेवेन्यू पर यूज़र) में 1% का सुधार है, जो ₹216 तक पहुंच सकता है। रिटेल एबिटा में भी उछाल आने की संभावना है।
कंपनी का कुल वैल्यूएशन:
मार्च तिमाही के अंत में रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट वैल्यूएशन ₹18,47,317 करोड़ था, जो इसे भारत की सबसे बड़ी कंपनी बनाता है।