टूटी स्प्रिंग पर 1274 किमी चली मुंबई-हावड़ा एक्सप्रेस, पता चलने के बाद भी दौड़ाते रहे

मुंबई-हावड़ा गीतांजलि एक्सप्रेस शुक्रवार को दुर्घटनाग्रस्त होने से बच गई। ट्रेन के एक थर्ड एसी कोच की स्प्रिंग टूट गई थी, भुसावल में जांच में खराबी मिलने के बाद भी ट्रेन को बगैर मरम्मत के रवाना कर दिया गया। उसी हालत में ट्रेन भुसावल से टाटानगर तक 1274 किमी दौड़ती रही।

टाटानगर स्टेशन पर रेलकर्मियों ने ट्रेन से उस कोच को अलग कर दिया, अन्यथा वह आगे जाकर पटरी से उतर सकती थी। इधर, ट्रेन से कोच अलग करने के साथ वाणिज्य व खानपान कर्मचारियों द्वारा 50 से अधिक यात्रियों को सामान चढ़ाने के कारण गीतांजलि एक्सप्रेस करीब 50 मिनट टाटानगर में खड़ी रही। कोच से उतारे जाने का कारण जानकर यात्री दहशत में आ गए थे।

भुसावल के रेलकर्मियों की लापरवाही से खतरे में रहे यात्री : जानकारी के अनुसार, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनल से रवाना गीतांजिल एक्सप्रेस के थर्ड एसी कोच से भुसावल से पूर्व तेज आवाज आने लगी। स्टेशन के रेलकर्मियों ने कोच में जांच की तो स्प्रिंग में खराबी मिली, लेकिन मरम्मतत के बिना ट्रेन को रवाना कर दिया गया। इससे ट्रेन 1274 किमी 90-95 किमी प्रति घंटे की स्पीड से दौड़ती रही। टाटानगर से पहले कोच के नीचे से ज्यादा आवाज आने लगी। सूचना पर चक्रधरपुर मंडल से जांच का आदेश हुआ। टाटानगर में जांच के दौरान कोच की स्प्रिंग टूटी मिली। तत्काल कोच बदलने का आदेश अधिकारियों ने दिया। कम स्पीड के कारण गीतांजलि एक्सप्रेस सुबह 8.20 बजे बदले 10.40 बजे के बाद आई।

इससे पहले कुर्ला-शालीमार एक्सप्रेस के एक कोच की स्प्रिंग 3 नवंबर को गम्हरिया स्टेशन के पास खराब हो गई थी। इसकी वजह से ट्रेन को रोक दिया गया था। ट्रेन साढ़े तीन घंटे तक गम्हरिया और आदित्यपुर स्टेशन के बीच डाउन लाइन पर खड़ी रही। बाद में कोच बदलकर रवाना किया गया था। इससे कई ट्रेनें फंस गई थीं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *