विधायक का पटवारियों पर गुस्सा
बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर क्षेत्र में आयोजित समाधान शिविर उस वक्त चर्चा का केंद्र बन गया, जब विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते ने खुले मंच से राजस्व विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। गांवों में बढ़ते जमीन विवाद, सीमांकन मामलों और लंबित शिकायतों को लेकर विधायक का गुस्सा मंच पर ही फूट पड़ा।
मुरकौल में आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे। लोगों की शिकायतें सुनने के बाद विधायक ने साफ शब्दों में कहा कि राजस्व विभाग की लापरवाही और अधिकारियों के रवैये के कारण आम जनता परेशान हो रही है।
“पटवारी भगवान बन बैठे हैं”
समाधान शिविर के दौरान विधायक का बयान काफी चर्चा में रहा। उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा:
“पटवारी तो भगवान बन बैठे हैं, उन्हें जनता की समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं रह गया है।”
विधायक ने कहा कि गांवों में ज्यादातर विवाद जमीन, सीमांकन और नामांतरण जैसे मामलों को लेकर होते हैं और इन समस्याओं की जड़ में राजस्व अमला ही जिम्मेदार नजर आता है।
उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता को बेवजह सरकारी दफ्तरों के चक्कर कटवाना अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
तहसीलदार और पटवारियों को खुली चेतावनी
विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते ने मंच से ही तहसीलदारों और पटवारियों को अपना “एटीट्यूड” छोड़ने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि अधिकारी जनता के सेवक हैं और उन्हें लोगों की समस्याओं का समय पर समाधान करना चाहिए।
उन्होंने साफ कहा:
- आम लोगों की शिकायतों को गंभीरता से लें
- सीमांकन और जमीन विवाद जल्द निपटाएं
- ग्रामीणों को अनावश्यक परेशान न करें
- समाधान शिविर केवल औपचारिकता बनकर न रह जाए
विधायक के सख्त तेवर देखकर मंच पर मौजूद कई अधिकारी असहज नजर आए।
ग्रामीणों की शिकायतों का लगा अंबार
मुरकौल समाधान शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे थे। इनमें सबसे ज्यादा शिकायतें राजस्व विभाग से जुड़ी थीं। लोगों ने आरोप लगाया कि:
- सीमांकन के मामले महीनों से लंबित हैं
- नामांतरण में देरी हो रही है
- पटवारियों से मिलने में परेशानी होती है
- कई बार बिना कारण फाइलें अटका दी जाती हैं
ग्रामीणों की लगातार शिकायतों को सुनने के बाद विधायक का गुस्सा और बढ़ गया।
मंच से दिखा जनता का दर्द
शिविर के दौरान कई ग्रामीणों ने खुलकर अपनी परेशानियां बताईं। कुछ लोगों ने कहा कि छोटे-छोटे कामों के लिए उन्हें कई बार तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
विधायक ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लोगों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाए और लंबित मामलों की सूची बनाकर जल्द कार्रवाई की जाए।
अब प्रशासन पर बढ़ा दबाव
विधायक की नाराजगी के बाद अब राजस्व विभाग पर दबाव बढ़ गया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में लंबित मामलों के निराकरण को लेकर प्रशासनिक स्तर पर सख्ती बढ़ सकती है।
इस घटना के बाद क्षेत्र में विधायक के बयान की चर्चा तेज हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पहली बार किसी जनप्रतिनिधि ने खुले मंच से अधिकारियों को जनता की समस्याओं को लेकर इतनी सख्त चेतावनी दी है।