मल्लिकार्जुन खरगे बयान
मोदी पर मल्लिकार्जुन खरगे के बयान से छत्तीसगढ़ में सियासत गर्माई, भाजपा ने जताई कड़ी आपत्ति
रायपुर, छत्तीसगढ़:
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के विवादित बयान पर छत्तीसगढ़ में सियासत तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) ने खरगे के बयान को प्रधानमंत्री पद की गरिमा और देश की जनता का अपमान बताते हुए कड़ी आलोचना की है। इस बयान के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है।
भाजपा की कड़ी प्रतिक्रिया
भा.ज.पा. के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने बुधवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का प्रयोग सीधे तौर पर देश की गरिमा पर हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी परिवारवाद, घमंड और तुष्टिकरण की राजनीति से ग्रसित है, और जब वह विकास और जनहित के मुद्दों पर जवाब देने में असफल हो जाती है, तब ऐसे बयान देकर अपनी हताशा जाहिर करती है।
उन्होंने इसे राजनीतिक दिवालियापन करार देते हुए कहा कि इस प्रकार की भाषा कांग्रेस की गिरती राजनीतिक सोच को उजागर करती है। भाजपा ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और जिम्मेदार विपक्ष की भावना के विपरीत बताया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बयान
वहीं, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी मल्लिकार्जुन खरगे के बयान की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की भद्दी, अपमानजनक और अशिष्ट भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए था। मुख्यमंत्री ने इसे प्रधानमंत्री पद की गरिमा का अपमान और उन करोड़ों नागरिकों के विश्वास का अनादर बताया जिन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत अपना नेतृत्व चुना है।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस की इस प्रतिक्रिया से उनकी राजनीतिक हताशा झलकती है, और ऐसे बयानों की जितनी भर्त्सना की जाए, वह कम है। मुख्यमंत्री साय ने इस घटना को कांग्रेस पार्टी की असंवेदनशीलता और राजनीतिक नैतिकता के अभाव के रूप में देखा।
भाजपा की माफी की मांग
भा.ज.पा. ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और कांग्रेस पार्टी से बिना शर्त सार्वजनिक माफी की मांग की है। भाजपा नेताओं का कहना है कि लोकतंत्र में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन किसी भी सूरत में भाषा की मर्यादा और संवैधानिक पदों का सम्मान बनाए रखना आवश्यक है।
किरण सिंह देव ने कहा, “यह सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि देश के प्रधानमंत्री का अपमान है। कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि उनके बयान केवल राजनीति में उनकी हताशा को ही उजागर करते हैं, बल्कि यह भारतीय जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है।”
कांग्रेस की प्रतिक्रिया
फिलहाल कांग्रेस की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन पार्टी के कुछ नेताओं ने इस पर अपना पक्ष प्रस्तुत किया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, उनका कहना है कि विपक्षी नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों और उनके शासन के खिलाफ समय-समय पर आलोचना करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
यह विवाद इस बात को और महत्वपूर्ण बनाता है कि भारतीय राजनीति में विरोधी दलों और सरकार के बीच वैयक्तिक हमलों और राजनीतिक बयानबाजी का क्या असर हो सकता है।