सिविल अस्पताल पखांजूर में नई उम्मीदें
पखांजूर जिले के सिविल अस्पताल सह मातृ शिशु अस्पताल में जल्द ही मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलने वाली हैं। कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने अस्पताल का आकस्मिक निरीक्षण कर इसे और अधिक सुविधा संपन्न बनाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर के अनुसार, अस्पताल में पिछले कुछ समय में कई सुधार हुए हैं, लेकिन अब इसे और आधुनिक और मरीज-मित्रवत बनाने की आवश्यकता है।
निरीक्षण के दौरान प्रमुख बातें
- अस्पताल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण: ओपीडी, आईपीडी, महिला एवं पुरुष वार्ड, नर्सिंग स्टाफ कक्ष, आपात चिकित्सा कक्ष, एक्स-रे विभाग, पोषण पुनर्वास केंद्र और लैबोरेटरी का दौरा किया।
- मरीजों से संवाद: भर्ती मरीजों से हालचाल जानकर उनकी जरूरतों और अनुभवों को समझा।
- निर्माणाधीन कार्यों की समीक्षा: अस्पताल के पीछे बनाए जा रहे प्रसाधन कक्ष को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश।
- स्वच्छता और सुरक्षा: परिसर में सीसीटीवी कैमरा लगाने और गंदगी करने वालों पर जुर्माना लगाने के निर्देश।
- एनआरसी बेड क्षमता वृद्धि: 10 बेड वाले नवजात पुनर्वास केंद्र में बेड ऑक्यूपेंसी बढ़ाने के लिए योजना।
कलेक्टर ने दिया स्पष्ट संदेश
कलेक्टर ने कहा कि “अस्पताल की सेवाओं में लगातार सुधार आवश्यक है। मरीजों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा मिलनी चाहिए।” उन्होंने बीएमओ और स्वास्थ्य कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मरीज-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाया जाए और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाए।
अन्य निरीक्षण और विकास योजनाएं
- मावा मोदोल कोचिंग संस्थान: नगर पंचायत परिसर में प्रस्तावित मावा मोदोल कोचिंग के लिए स्थल निरीक्षण किया।
- नई लाइब्रेरी और बाजार शेड: प्रस्तावित लाइब्रेरी और बाजार शेड परिसर का अवलोकन कर निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश।
मरीजों और जनता के लिए फायदे
- अस्पताल में बेहतर सुविधा और साफ-सफाई।
- नवजात और बच्चों के लिए एनआरसी बेड क्षमता वृद्धि।
- आधुनिक स्वास्थ्य तकनीक और उपकरण।
- सुरक्षा के लिए सीसीटीवी निगरानी।
सिविल अस्पताल पखांजूर का यह कायाकल्प न केवल मरीजों के लिए राहत भरा होगा, बल्कि पूरे क्षेत्र के स्वास्थ्य मानकों में सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।