जिस मैच के लिए रियान पराग की तारीफ होनी चाहिए थी, अब उसी मैच को लेकर उनकी जमकर आलोचना हो रही है। मामला इतना बढ़ गया है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड और नियमों के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई की चर्चा तेज हो गई है।
मामला यह है कि राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग को आईपीएल 2026 के मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम में ई-सिगरेट (वेप) का इस्तेमाल करते हुए कैमरे में कैद किया गया। इस वीडियो के वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है।
कोई आधिकारिक बयान नहीं
फिलहाल न तो राजस्थान रॉयल्स और न ही आईपीएल की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान आया है। लेकिन माना जा रहा है कि बीसीसीआई पहले वीडियो की प्रामाणिकता की जांच करेगा और फिर टीम मैनेजमेंट और संबंधित अधिकारियों से पूछताछ की जा सकती है।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना आईपीएल 2026 के 40वें मैच की बताई जा रही है, जो Punjab Kings के खिलाफ खेला गया था। 16वें ओवर के दौरान, जब राजस्थान रॉयल्स रन चेज कर रही थी, उसी समय ड्रेसिंग रूम में रियान पराग कथित तौर पर वेपिंग करते नजर आए।
आईपीएल नियम क्या कहते हैं?
आईपीएल के नियमों के अनुसार ड्रेसिंग रूम “नो-स्मोकिंग जोन” में आता है। तंबाकू या संबंधित उत्पादों पर सख्त प्रतिबंध है, जिसमें ई-सिगरेट और वेपिंग भी शामिल है। नियमों के उल्लंघन पर चेतावनी, मैच फीस में कटौती या गंभीर मामलों में सस्पेंशन तक की सजा दी जा सकती है।
भारत में ई-सिगरेट पहले से ही प्रतिबंधित है। The Prohibition of Electronic Cigarettes Act, 2019 के तहत इसका निर्माण, बिक्री, उपयोग और भंडारण अवैध है। पहली बार उल्लंघन पर एक साल तक की जेल या ₹1 लाख तक का जुर्माना हो सकता है, जबकि बार-बार अपराध करने पर 3 साल तक की जेल और ₹5 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
आईपीएल में इससे पहले भी टीमों पर नियम उल्लंघन को लेकर कार्रवाई हो चुकी है। इसी सीजन राजस्थान रॉयल्स के टीम मैनेजर पर डगआउट में मोबाइल फोन इस्तेमाल करने पर जुर्माना लगाया गया था।
यह विवाद इसलिए और बढ़ गया है क्योंकि इस सीजन रियान पराग का प्रदर्शन भी खास नहीं रहा है। उन्होंने 9 मैचों में 117 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट भी 125 से कम रहा है। ऐसे में यह वीडियो वायरल होने के बाद टीम और खिलाड़ी दोनों पर दबाव बढ़ गया है।