“इंदौर में 60 मेगावाट सोलर प्लांट का उद्घाटन, स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम”

“सोलर प्लांट उद्घाटन”


Content:

इंदौर, मध्य प्रदेश — आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खरगोन जिले के जलूद में स्थित 60 मेगावाट क्षमता वाले कैप्टिव सौर ऊर्जा संयंत्र का उद्घाटन किया। इस अत्याधुनिक सोलर प्लांट का लक्ष्य स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देना है, जो इंदौर नगर निगम द्वारा स्थापित किया गया है। यह संयंत्र भारत सरकार की सीपीएसयू फेस-2 योजना के अंतर्गत स्थापित किया गया है, जिसकी लागत लगभग 271 करोड़ रुपये आई है।

परियोजना का महत्व और उद्देश्य

यह सोलर प्लांट न केवल इंदौर को कार्बन न्यूट्रल शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में भी अहम भूमिका निभाएगा। जनसंपर्क अधिकारी पुष्पेन्द्र वास्कले ने बताया कि इस परियोजना के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा के उत्पादन में वृद्धि की जाएगी और जलूद पंपिंग स्टेशन तथा ई-व्हीकल चार्जिंग स्टेशनों के संचालन के लिए विद्युत आपूर्ति की जाएगी।

परियोजना की वित्तपोषण और तकनीकी विशेषताएँ

इस परियोजना की कुल लागत 271.16 करोड़ रुपये है, जिसमें लगभग 42 करोड़ रुपये की वायबिलिटी गैप फंडिंग और 244 करोड़ रुपये पब्लिक ग्रीन बॉण्ड के माध्यम से प्राप्त हुए हैं। सौर संयंत्र का निर्माण 210.84 एकड़ भूमि पर किया गया है और यह डीसीआर तकनीक पर आधारित है, जो इसे अत्याधुनिक और प्रभावी बनाती है।

सौर ऊर्जा का उत्पादन और वित्तीय लाभ

संयंत्र से 9.73 करोड़ यूनिट बिजली का वार्षिक उत्पादन होगा। इसके अलावा, मार्च 2026 में संयंत्र की कमीशनिंग के बाद, 66 लाख यूनिट का उत्पादन हुआ, जिससे इंदौर नगर निगम को करीब ₹3.6 करोड़ रुपये की बचत हुई। इस परियोजना से मासिक बचत ₹3 से ₹4 करोड़ रुपये होने की संभावना है, जो शहर की ऊर्जा लागत को कम करने में मदद करेगा।

स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में योगदान

यह सोलर संयंत्र स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके अलावा, यह कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में भी योगदान देगा और पर्यावरण संरक्षण में मदद करेगा, जो आजकल के समय में अत्यधिक महत्वपूर्ण हो गया है।

बुलेट पॉइंट्स:

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 60 मेगावाट सोलर प्लांट का उद्घाटन किया।
  • परियोजना की कुल लागत 271 करोड़ रुपये और इसका निर्माण 210.84 एकड़ भूमि में किया गया।
  • 9.73 करोड़ यूनिट वार्षिक विद्युत उत्पादन से स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।
  • परियोजना से मासिक बचत ₹3 से ₹4 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।
  • यह सोलर संयंत्र इंदौर को कार्बन न्यूट्रल बनाने में मदद करेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *