“छत्तीसगढ़ में विशेष जांच अभियान: स्ट्रीट फूड वेंडरों और खाद्य विक्रेताओं के सेंटर का हो रहा निरीक्षण”

“छत्तीसगढ़ खाद्य सुरक्षा जांच अभियान”


गौरेला पेंड्रा मरवाही, छत्तीसगढ़ — छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा जिले में एक विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तायुक्त खाद्य एवं औषधि उपलब्ध कराना है। यह अभियान 27 अप्रैल से लेकर 11 मई 2026 तक सघन रूप से चलाया जाएगा। अभियान का नाम “सही दवा, शुद्ध आहार यही छत्तीसगढ़ का आधार” रखा गया है, और इसमें खाद्य पदार्थों के विक्रेताओं के सेंटरों की गहरी जांच की जा रही है।

कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी ने इस अभियान के तहत खाद्य एवं औषधि प्रशासन, राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों की एक संयुक्त टीम का गठन किया है। यह टीम विभिन्न क्षेत्रों में जाकर खाद्य विक्रेताओं की जांच कर रही है, ताकि किसी भी प्रकार के खाद्य सुरक्षा उल्लंघन को रोका जा सके।

प्रमुख स्थलों पर की गई जांच:

विशेष जांच अभियान के तहत टीम ने गन्ना रस सेंटर (कोटमी), शिव शक्ति आइस क्रीम सेंटर (कोटमी), बालाजी चाट कॉर्नर (पेंड्रा), अजय गन्ना जूस भंडार (पेंड्रा), दिल्ली जैन चाट सेंटर (गौरेला), और न्यू इंडियन पाव भाजी सेंटर (गौरेला) जैसे कई प्रमुख स्ट्रीट फूड विक्रेताओं और खाने के केंद्रों का निरीक्षण किया। इसके अलावा, कलेश्वर गन्ना रस सेंटर, भैयरू नाथ आइस क्रीम फालुदा सेंटर, श्री गुरु कृपा फास्ट फूड (पेंड्रा), और बांबे गन्ना जूस सेंटर (गौरेला) जैसे खाद्य केंद्रों की भी जांच की गई।

मुख्य निर्देश और कार्यवाही:

जांच के दौरान खाद्य विक्रेताओं को साफ-सफाई रखने के लिए विशेष निर्देश दिए गए। इसके साथ ही जिन वेंडरों के पास खाद्य पंजीयन नहीं था, उन्हें जल्द पंजीकरण कराने का आदेश दिया गया। इन वेंडरों के खाद्य सुरक्षा पंजीकरण के लिए कदम उठाए जा रहे हैं ताकि उनके उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।

नमूनों की जांच:

वेंडरों द्वारा बेचे जा रहे उत्पादों जैसे आइसक्रीम, गन्ना रस, और चाट मटर के नमूने भी लेकर राजधानी रायपुर में स्थित लैब में गुणवत्ता जांच के लिए भेजे गए हैं। यह जांच यह सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है कि विक्रेता उच्च मानकों का पालन कर रहे हैं और उनके उत्पाद नागरिकों के लिए सुरक्षित हैं।

अधिकारी का बयान:

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा ने कहा, “हमारा उद्देश्य नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है। इस विशेष जांच अभियान के तहत स्ट्रीट फूड वेंडर्स, गन्ना रस केंद्र, आईसक्रीम शॉप्स, जूस सेंटर, डेयरी उत्पाद (दूध, दही, पनीर), मिठाई की दुकानों, होटल्स, ढाबे, रेस्टोरेंट्स, पैकेज ड्रिंकिंग वाटर, फल एवं सब्जी विक्रेताओं और बेकरी उत्पादों के प्रतिष्ठानों की जांच की जा रही है।”

आगे की कार्रवाई:

इस अभियान के अंतर्गत आने वाले सभी प्रतिष्ठानों की जांच कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी खाद्य उत्पादों का उत्पादन और वितरण स्वच्छ, सुरक्षित और मानक के अनुरूप हो। यह कदम नागरिकों की स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया जा रहा है और यह छत्तीसगढ़ के खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

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