“फर्जी नौकरी आदेश ठगी”
जगदलपुर (कांकेर), छत्तीसगढ़ — इन दिनों कांकेर जिले के पखांजूर में एक फर्जी नौकरी आदेश तेजी से वायरल हो रहा है, जो भारतीय डाक विभाग के नाम पर जारी किया गया है। इस आदेश में पोस्टिंग, जॉइनिंग डेट, चार्ज रिपोर्ट और अधिकारियों की मुहर तक लगाई गई है, ताकि यह दस्तावेज असली नजर आए। लेकिन जब लल्लूराम डॉट कॉम द्वारा इसकी जांच की गई, तो यह सामने आया कि यह आदेश डाक विभाग द्वारा जारी नहीं किया गया था, बल्कि यह पूरी तरह से धोखाधड़ी का हिस्सा था।
यह फर्जी नियुक्ति आदेश बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनकी मेहनत की कमाई को ठगने के लिए तैयार किया गया था। ठगों ने इस दस्तावेज़ के आधार पर पखांजूर क्षेत्र के करीब 6 बेरोजगारों से कुल 10 लाख रुपए ऐंठ लिए। इन युवाओं से दावा किया गया था कि यदि वे इस फर्जी आदेश के आधार पर पैसा देंगे तो उन्हें भारतीय डाक विभाग में नौकरी मिल जाएगी।
नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी
कई पीड़ितों ने बताया कि ठगों ने उन्हें नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे दिए, लेकिन जब उन्होंने यह पैसे वापस मांगे तो उन्हें धमकियां दी गईं कि अगर वे शिकायत करेंगे तो उनका पैसा वापस नहीं मिलेगा। इस प्रकार के धोखाधड़ी के मामलों में पीड़ित सामने आने में संकोच करते हैं, क्योंकि उन्हें डर होता है कि कहीं उनका पैसा फिर से खो न जाए।
डाक विभाग की प्रतिक्रिया
बस्तर डाक विभाग के अधिकारियों ने इस फर्जी नियुक्ति आदेश को पूरी तरह से फर्जी और धोखाधड़ी करार दिया है। विभाग ने पीड़ितों से अपील की है कि वे किसी भी नौकरी के संबंध में दस्तावेज़ की सत्यता की पुष्टि पहले आधिकारिक वेबसाइट या कार्यालय से कर लें। डाक विभाग ने यह भी कहा कि किसी भी दलाल या एजेंट के झांसे में न आएं और नौकरी के नाम पर पैसे न दें।
क्या होगी विभागीय जांच?
अब सवाल यह उठता है कि क्या डाक विभाग इस फर्जी आदेश की विभागीय जांच कराएगा और क्या ठगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी? बस्तर डाक विभाग के अधिकारियों ने इसे गंभीर मामला मानते हुए जांच की बात कही है, लेकिन इस तरह के मामलों में पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए प्रशासन को और भी सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।
पीड़ितों के लिए चेतावनी
इस मामले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगों के जाल में फंसने से पहले उन्हें हमेशा सतर्क रहना चाहिए। जॉइनिंग लेटर, नियुक्ति पत्र और अन्य नौकरी संबंधित दस्तावेजों की सत्यता की हमेशा आधिकारिक स्रोतों से जांच करनी चाहिए।