अवैध खनन
धमतरी में मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बाद अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई की गई है। जिले के विभिन्न इलाकों में खनिज विभाग और केंद्रीय उड़नदस्ता की टीम ने औचक निरीक्षण कर 5 चैन माउंटेन मशीनें जब्त की हैं। यह कार्रवाई प्रदेश में अवैध खनन पर निगरानी और कठोर कदमों का परिणाम है।
सूक्ष्म निगरानी और तकनीक का असर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अवैध खनन को रोकने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उनके निर्देशों के बाद:
- प्रदेशभर में लगातार छापेमारी की जा रही है।
- तकनीक आधारित मॉनिटरिंग से खनन गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
- त्वरित कार्रवाई के कारण अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण स्थापित हो रहा है।
धमतरी में हुई कार्रवाई
31 मई 2025 की रात, खनिज विभाग के सचिव और संचालक के आदेशानुसार केंद्रीय उड़नदस्ता और जिला स्तरीय टीम ने जिला धमतरी में औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान:
- ग्राम नारी स्थित महानदी क्षेत्र में 5 चैन माउंटेन मशीनें रेत उत्खनन में लगी पाई गई।
- किसी भी मशीन पर वैध अनुमति या आदेश प्रस्तुत नहीं किया गया।
- अवैध खनन का प्रकरण दर्ज कर मशीनें जब्त और सील कर दी गई।
कानूनी कार्रवाई
खनिज और खनन (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के तहत:
- सभी मशीनों को सील कर दिया गया।
- मशीनों के मुख्य द्वार पर नोटिस चस्पा किया गया।
- अवैध खनन में शामिल लोगों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि किसी भी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी।
अवैध खनन पर प्रदेश सरकार की नीति
प्रदेश सरकार ने अवैध खनन रोकने के लिए:
- सतत निगरानी तंत्र स्थापित किया है।
- अभियानात्मक कार्रवाई लगातार जारी रखी है।
- लोगों को यह संदेश दिया है कि नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नतीजा
इन कदमों से अब अवैध खनन की गतिविधियों पर नियंत्रण स्थापित हो रहा है। स्थानीय प्रशासन और केंद्रीय उड़नदस्ता की संयुक्त जांच टीम ने यह सुनिश्चित किया है कि:
- अवैध खनन के मामलों में तुरंत कार्रवाई हो।
- तकनीक और निगरानी का उपयोग कर खनन गतिविधियों पर पूरी तरह नियंत्रण रखा जाए।
अवैध खनन पर यह कार्रवाई न सिर्फ धमतरी, बल्कि पूरे प्रदेश में संदेश देती है कि कानून के उल्लंघन करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है।