डमी बनकर SI का पेपर देने वाली टीचर वर्षा बिश्नोई गिरफ्तार, 25 हजार का रखा था इनाम

सब इंस्पेक्टर (एसआई) 2021 धांधली मामले में डमी अभ्यर्थी बनकर बैठने वाली वर्षा बिश्नोई को सोमवार सुबह जोधपुर रेंज की टीम ने कोटा से गिरफ्तार किया. वर्षा काफी समय से स्टूडेंट बनकर फरारी काट रही थी. पुलिस ने उस पर 25 हजार रुपये का इनाम रखा गया था. अब SOG वांटेड वर्षा बिश्नोई से पूछताछ करेगी. वर्षा जालोर के सांचौर के सरनाऊ गांव की रहने वाली है.

आईजी विकास कुमार ने बताया कि एसआई पेपर लीक और अन्य परीक्षाओं में डमी अभ्यर्थी बनकर भर्ती परीक्षा में बैठने वाली वांटेड वर्षा बिश्नोई की तलाश काफी समय से चल रही थी. पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि वर्षा नाम बदलकर कोटा में रह रही है.

पुलिस ने कोचिंग सेंटर क्षेत्र में पेइंग गेस्ट में तलाशी अभियान चलाया और विमला नाम से रह रही वर्षा को गिरफ्तार कर लिया. उसने फर्जी आधार कार्ड बनाकर रखा था. आईजी ने बताया कि एसआई पेपर लीक में साइक्लोनर टीम द्वारा यह छठी गिरफ्तारी है.

पुलिस ने बताया कि पेपर लीक के फरार आरोपी अपने मोबाइल फोन बंद कर परिवार से दूरी बना लेते हैं. वर्षा ने भी ऐसा ही किया था, उसने भी अपने परिवार से पूरी तरह से दूरी बना ली थी. वो कुछ एप्लीकेशन और इंटरनेट कॉलिंग से वह कुछ लोगों से संपर्क में थी. यहीं से टीम को सुराग मिले और करीब तीन माह तक लगातार प्रयास के बाद वर्षा को गिरफ्तार कर लिया. 

बता दें, कुछ समय पहले जब साइक्लोनर टीम ने अन्य आरोपी शमी बिश्नोई को पकड़ा तो वह मीरा बनकर वृंदावन में रह रही थी. साइक्लोनर टीम ने जब वर्षा को पकड़ा तो उसने अपना नाम विमला बताया साथ ही आधार कार्ड भी दिखाया. जब सख्ती से उससे पूछताछ की गई तो उसने अपना कबूल लिया कि वह वर्षा है. 

अब तक जोधपुर आईजी कार्यालय की साइक्लोन टीम ने छह आरोपियों को इस मामले में गिरफ्तार किया है. इसमें मास्टरमाइंड पौरव कालेर भी शामिल है, जिसे सीकर से पकड़ा गया था. इसके अलावा वृंदावन से शमी बिश्नोई, कोटा से वर्षा बिश्नोई, गंगानगर से शैतानाराम और हैदराबाद से सुनील और ओम प्रकाश ढाका को गिरफ्तार किया गया था.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *