दिल्ली पुलिस ने 19 अक्टूबर को नरेला से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक सदस्य की पिटाई, अपहरण करने और फिरौती मांगने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने जब संदिग्धों की तलाश शुरू की तो उन्होंने पीड़ित को सोनीपत में छोड़ दिया। आरएसएस सदस्य को उसके कार्यालय के बाहर से अगवा किया गया था। आरोपियों ने उसके परिवार से पैसे की मांग की, जिसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने बताया कि इंद्रपुरी निवासी आनंद तिवारी 19 अक्टूबर को रात 11.15 बजे अपने भाई कुलदीप तिवारी के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराने नरेला पुलिस स्टेशन गए थे। डीसीपी (आउटर नॉर्थ) निधिन वलसन ने संदिग्धों का पता लगाने के लिए कई टीमें बनाईं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘उन्होंने आरोपियों के रूट को फॉलो करना शुरू कर दिया। अपहरणकर्ताओं को एहसास हुआ कि पुलिस उनका पीछा कर रही है, इसलिए उन्होंने कुलदीप को सोनीपत में छोड़ दिया और वहां से भाग गए।’
टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस अधिकारी ने बताया कि 20 अक्टूबर को सुबह 3 बजे के आसपास उन्हें कुलदीप मिला। सर्च के दौरान, तीन संदिग्धों प्रिंस (26), अभिषेक (24) और साहिल (18) को गिरफ्तार किया गया। ये सभी सोनीपत के रहने वाले हैं। कुलदीप ने पुलिस को बताया कि 19 अक्टूबर को जब वह दोपहर 3 बजे ऑफिस से निकला तो एक सफेद रंग की एसयूवी में सवार पांच लड़कों ने उसका अपहरण कर लिया। उन्होंने उसके साथ मारपीट की और 50,000 रुपये अपने अकाउंट में ट्रांसफर करने की मांग की।
पुलिस के एक सूत्र ने बताया, ‘कुलदीप ने अपने भाई आनंद को फोन करके क्यूआर कोड पर 50,000 रुपए भेजने को कहा। क्यूआर कोड में सोनीपत निवासी अभिषेक का नाम था।’ जब आनंद ने मना कर दिया तो कुलदीप का फोन बंद हो गया। बाद में आनंद को कुलदीप का एक और फोन आया जिसमें उसने 20,000 रुपए ट्रांसफर करने को कहा। आनंद ने फिर से मना कर दिया और फोन एक बार फिर बंद हो गया।
पूछताछ के दौरान, संदिग्धों ने पुलिस को बताया कि वे बेरोजगार हैं और फिरौती के लिए किसी का अपहरण करने की फिराक में थे। उन्होंने कुलदीप को अपने कार्यालय से निकलते देखा और उसका अपहरण कर लिया। पुलिस उनकी गवाही की जांच कर रही है। तीनों के खिलाफ धारा 140 (2) (हत्या या फिरौती के लिए अपहरण या अगवा करना, आदि) के तहत मामला दर्ज किया गया है।