टैंकर से गैस चोरी कराने वाला ही बन गया शिकायतकर्ता, 52 टन गैस चोरी का मामला रायपुर पुलिस आईजी तक पहुंचा

गैस चोरी रायपुर


गैस चोरी के मामले में नया मोड़: टैंकर मालिक ने ही दर्ज कराई चोरी की शिकायत

रायपुर, छत्तीसगढ़: महासमुंद जिले के सिंघोडा थाना क्षेत्र में गैस चोरी का एक चौकाने वाला मामला सामने आया है। यहां, गैस चोरी करवाने वाले व्यक्ति ने ही पुलिस में चोरी की शिकायत दर्ज कराई। इस घटनाक्रम ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं और मामला अब रायपुर पुलिस आईजी तक पहुंच गया है।

गैस चोरी की शिकायत और मामला

टैंकर मालिक के. सुब्रह्मण्यम ने थाना सिंघोडा में शिकायत दर्ज कराई है कि करीब 52 टन गैस चोरी हो गई है। हालांकि, पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, दिसंबर 2025 में इंडियन ऑयल कंपनी के छह टैंकरों से अवैध रूप से गैस निकालकर 80 कमर्शियल और 56 घरेलू सिलिंडरों में भरी गई थी। इस मामले को लेकर पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है, क्योंकि शिकायत के बाद पुलिस ने चोरी की गैस को तलाशने का काम शुरू किया है, लेकिन पहले से ही सबूत मौजूद थे।

छापेमारी और गैस चोरी का खुलासा

गैस चोरी की सूचना पर संबंधित विभाग ने छापा मारा, जहां टैंकरों से गैस अवैध तरीके से सिलिंडरों में भरी जा रही थी। आरोप है कि चालक ने वॉल्व खोलकर वाहन और दस्तावेज लेकर भागने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस ने छह टैंकरों और सिलिंडरों को जब्त कर लिया। इसके बाद तीन महीने तक इस मामले में कोई दावा नहीं आया, जिस कारण पुलिस अधीक्षक ने गैस रिसाव और खतरे को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर को पत्र लिखा।

कलेक्टर के आदेश पर टैंकर सुपुर्द

कलेक्टर के निर्देश पर, इन जब्त टैंकरों को रायपुर स्थित ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स के सुपुर्द कर दिया गया। छापेमारी में खाली सिलिंडर और खुले वॉल्व वाले टैंकर मिले थे। पुलिस ने खाद्य विभाग की मौजूदगी में पंचनामा कर इस प्रक्रिया को पूरा किया। लेकिन, जब इन टैंकरों को आरंग की एक कंपनी को सुपुर्द किया गया, तो बिना तौले ही इन टैंकरों को दे दिया गया, जिससे गैस चोरी की संभावना और बढ़ गई है।

शिकायत और मामले में विकास

अब, टैंकर मालिक के. सुब्रह्मण्यम ने गैस चोरी की 52 टन गैस के बारे में शिकायत दर्ज कराई है, जबकि वास्तविकता में ये गैस पहले ही अवैध तरीके से निकाली जा चुकी थी। यह मामला पुलिस की लापरवाही और प्रशासन की कमजोर निगरानी की ओर इशारा करता है।

राज्य पुलिस और प्रशासन को इस मामले की गंभीरता से जांच करनी चाहिए, क्योंकि यह गैस चोरी केवल आर्थिक नुकसान नहीं बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी खतरे का कारण बन सकती है। गैस के रिसाव और चोरी से होने वाले संभावित हादसों को देखते हुए, पूरे मामले की विस्तृत जांच जरूरी है।

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