मुकेश चंद्राकर हत्याकांड
मुकेश चंद्राकर हत्याकांड: आरोपी की याचिका खारिज, दंतेवाड़ा में ही चलेगा ट्रायल
बीजापुर के स्वतंत्र पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या के मामले में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने एक अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने मुख्य आरोपी समेत चारों आरोपियों की आपराधिक स्थानांतरण याचिका को खारिज कर दिया है, जिससे यह साफ हो गया कि इस मामले का ट्रायल अब भी दंतेवाड़ा में ही चलेगा। आरोपियों ने इस याचिका में ट्रायल को दंतेवाड़ा से जगदलपुर स्थानांतरित करने की मांग की थी, लेकिन अदालत ने इसे निराधार मानते हुए खारिज कर दिया।
यह निर्णय पत्रकार मुकेश चंद्राकर के परिवार और जनता के लिए एक बड़ी राहत के रूप में सामने आया है। इस निर्णय से यह भी स्पष्ट हो गया है कि अदालत किसी भी दबाव या सुरक्षा के बहाने से ट्रायल की प्रक्रिया को प्रभावित नहीं होने देगी।
क्या था आरोपियों का तर्क?
आरोपियों के वकील ने याचिका में यह तर्क दिया था कि दंतेवाड़ा कोर्ट से लगभग 80 किलोमीटर दूर स्थित जगदलपुर जेल तक जाने में उनकी जान को खतरा है। उनका कहना था कि यात्रा के दौरान आरोपियों की सुरक्षा को लेकर जोखिम हो सकता है। इसके आधार पर उन्होंने ट्रायल स्थानांतरण की मांग की थी।
अदालत का निर्णय:
सुनवाई के दौरान जेल प्रशासन ने इन तर्कों को खारिज कर दिया और अदालत को बताया कि आरोपियों की पेशी के दौरान सुरक्षा को लेकर कोई भी समस्या नहीं है। इसके अलावा, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी पेशी की व्यवस्था की जा सकती है। अदालत ने इस पूरे मामले की सुनवाई के बाद याचिका को खारिज करते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि ट्रायल को प्रभावित नहीं किया जा सकता।
मुकेश चंद्राकर की हत्या का कारण:
मुकेश चंद्राकर एक स्वतंत्र पत्रकार थे और बस्तर जंक्शन यूट्यूब चैनल के संचालक भी थे। आरोप है कि मुकेश ने सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का खुलासा किया था, जिसके चलते इस हत्या को अंजाम दिया गया। उनके शव को उनके चचेरे भाई ठेकेदार सुरेश चंद्राकर के घर के सेप्टिक टैंक से बरामद किया गया था। इस हत्याकांड को लेकर कई सवाल खड़े हुए हैं, खासकर भ्रष्टाचार के कनेक्शन को लेकर।
मामले का आगे का रास्ता:
अब, इस हत्याकांड के सभी आरोपी 4 मई को दंतेवाड़ा जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश होंगे। अदालत ने इस फैसले के साथ यह भी स्पष्ट किया कि सुरक्षा के मुद्दे को लेकर ट्रायल में कोई बदलाव नहीं होगा। इस मामले में न्याय की उम्मीद बनी रहती है, और पत्रकार मुकेश चंद्राकर के परिवार को जल्द ही न्याय मिलने की संभावना है।