कोरबा: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के मुड़ापार क्षेत्र में एक ही रात दो भीषण सड़क हादसों से सनसनी फैल गई। भारी वाहनों के बेकाबू रफ्तार और नो एंट्री जोन में धड़ल्ले से प्रवेश ने एक बार फिर स्थानीय प्रशासन और यातायात विभाग की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। इन लगातार हो रही दुर्घटनाओं से आक्रोशित स्थानीय पार्षद ने प्रशासन को सख्त अल्टीमेटम देते हुए बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
रात भर मची अफरा-तफरी, लगे लंबे जाम
मुड़ापार मुख्य मार्ग पर बीती रात हुए इन दो अलग-अलग सड़क हादसों ने इलाके को सहमा दिया।
- पहला हादसा (रामनगर रेलवे कॉलोनी मोड़): रात के वक्त तेज रफ्तार एक भारी वाहन ने बाइक सवार को अपनी चपेट में ले लिया। इस टक्कर में बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे घटना के बाद मौके पर पहुंची मानिकपुर चौकी पुलिस ने तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। हादसे के बाद घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई।
- दूसरा हादसा (मुड़ापार पेट्रोल पंप के पास): ठीक इसी रात मुड़ापार पेट्रोल पंप के नजदीक दो भारी ट्रेलर आमने-सामने भिड़ गए। टक्कर के बाद दोनों चालकों के बीच जमकर विवाद और मारपीट हुई। क्षतिग्रस्त वाहन सड़क के बीचों-बीच खड़े रहने के कारण रात से लेकर सुबह तक लंबा ट्रैफिक जाम लगा रहा, जिससे दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और स्कूल जाने वाले बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
स्थानीय पार्षद ने दी आंदोलन की चेतावनी
क्षेत्र में भारी वाहनों के कारण लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों से जनता में भारी रोष व्याप्त है। स्थानीय पार्षद गोपाल कुर्रे ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन को चेतावनी दी है।
पार्षद गोपाल कुर्रे ने कहा, “मुड़ापार मुख्य मार्ग पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने के लिए कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र लिखा गया और मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। नो एंट्री के नियमों को ताक पर रखकर ट्रक धड़ल्ले से भीतर घुस रहे हैं। अगर समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई, तो क्षेत्र की जनता सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।”
प्रशासन के सामने बड़ी चुनौतियां
- नो एंट्री नियमों का उल्लंघन: भारी वाहनों के शहर और रिहायशी इलाकों में प्रवेश पर लगे प्रतिबंधों का सख्ती से पालन कराना।
- याट्रिफ़ कंट्रोल: कोलंचल और औद्योगिक क्षेत्र कोरबा में भारी ट्रैफिक के दबाव को नियंत्रित करने के लिए वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था करना।