भिलाईनगर: भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) और भारतीय रेलवे के संयुक्त प्रयासों से विकसित की जा रही बहुप्रतीक्षित दल्लीराजहरा-रावघाट नई रेल लाइन परियोजना के तहत एक और बड़ी सफलता मिल गई है। ताड़ोकी-रावघाट एकल रेलखंड पर अब जल्द ही यात्री ट्रेनों का परिचालन शुरू होने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। दक्षिण-पूर्व परिमंडल, कोलकाता के रेलवे संरक्षा आयुक्त (CRS) द्वारा इस रेलखंड के निरीक्षण और स्वीकृति के बाद अब पैसेंजर ट्रेन चलाने की सभी जरूरी प्रक्रियाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
तकनीकी परीक्षण और निवेश के आंकड़े
इससे पहले इस प्रोजेक्ट के तहत गत 17 जून को रावघाट रेलखंड पर तकनीकी परीक्षण शुरू किया गया था। नियंत्रित गति और सीमित भार की परिस्थितियों में 58 वैगन वाली बॉक्सएन रेक के माध्यम से यह परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया गया था, जिसके बाद परिचालन की तकनीकी तैयारियां तेजी से आगे बढ़ीं।
लगभग 95 किलोमीटर लंबी इस दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना को सेल (SAIL) के भिलाई इस्पात संयंत्र और भारतीय रेल मिलकर विकसित कर रहे हैं। इस पूरी परियोजना के निर्माण में रेलवे स्टेशनों के विकास और विद्युतीकरण के लिए भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा वित्तीय सहयोग दिया जा रहा है। सेल द्वारा इस रेल लाइन के निर्माण कार्य में अब तक लगभग 1,735 करोड़ रुपये का भारी निवेश किया जा चुका है, जबकि इस पूरी परियोजना की कुल अनुमानित लागत 1,880 करोड़ रुपये से अधिक है।