1600 लोग टीबी मरीजों को गोद लेकर दे रहे हैं पोषण आहार

रायपुर। दुनिया भर में 24 मार्च को विश्व टीबी दिवस मनाया जाता है। इस दिन को खास बनाते हुए जिले में 1600 लोग टीबी मरीजों की मदद के लिए आगे आए हैं। ये लोग मरीजों को गोद लेकर हर महीने उन्हें पोषण आहार दे रहे हैं, ताकि इलाज में और बेहतर परिणाम मिले।

इन 1600 में से 90 फीसदी लोग स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी हैं। टीबी के 2300 मरीज जिले में हैं, जिनका इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। ये सभी निचले तबके के लोग हैं और इन्हें इलाज के दौरान दवा के साथ-साथ पोषण आहार की भी जरूरत होती है। सरकार की तरफ से मरीजों को हर महीने 1 हजार रुपए की सहायता दी जाती है, लेकिन अतिरिक्त खर्च मरीजों को खुद उठाना पड़ता है।

निक्षय मित्र योजना का मिल रहा लाभ

प्रधानमंत्री के द्वारा चलाए गए ‘निक्षय मुक्त भारत अभियान’ के तहत ‘निक्षय मित्र’ योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत कोई भी व्यक्ति टीबी मरीज को गोद लेकर उन्हें पोषण आहार दे सकता है। जिले में कई लोग इस योजना के तहत टीबी मरीजों की देखरेख कर रहे हैं। एक टीबी मरीज को पोषण आहार देने में हर महीने 300-500 रुपए का खर्च आता है। कोई भी व्यक्ति इस खर्च में मदद कर सकता है। इसके लिए भारत सरकार की ‘निक्षय पोर्टल’ पर जाकर मरीज का चयन करके अपना नाम रजिस्टर कर सकता है।

टीबी के जोखिम वाले मरीज

टीबी के मरीजों में करीब 15 फीसदी मरीज 60 साल से ऊपर के हैं और 12 फीसदी मरीज हाई रिस्क वाले हैं, जो शुगर और अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं, इनमें एड्स भी शामिल है। इस विश्व टीबी दिवस पर यह पहल टीबी मरीजों के लिए उम्मीद की किरण साबित हो रही है।

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