गरियाबंद हादसा
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के खरहरी में आयोजित सुशासन तिहार शिविर के दौरान अचानक बड़ा हादसा हो गया। कार्यक्रम स्थल के पास मौजूद एक विशाल पीपल का पेड़ अचानक गिरने से मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और कई लोग उसकी चपेट में आ गए।
हादसे में कुल 7 लोग घायल हो गए हैं, जिनमें 2 बच्चे भी शामिल हैं। घटना के बाद पूरे कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी मच गई और प्रशासन को तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू करना पड़ा।
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के मुताबिक, कार्यक्रम देखने के लिए कुछ लोग पेड़ पर चढ़ गए थे। इसी दौरान पेड़ अचानक असंतुलित होकर गिर गया और उस पर बैठे तथा आसपास खड़े लोग इसकी चपेट में आ गए।
घायलों को:
- हाथ और पैर में चोटें
- कुछ लोगों को फ्रैक्चर
- बच्चों को भी हल्की-फुल्की चोटें
लगने की जानकारी सामने आई है।
मौके पर मौजूद थे कलेक्टर
हैरानी की बात यह रही कि घटना के समय जिला कलेक्टर समेत सभी वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद थे। जैसे ही हादसा हुआ, प्रशासन ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया।
स्थिति को देखते हुए:
- सुशासन तिहार शिविर कार्यक्रम को तत्काल स्थगित कर दिया गया
- बचाव टीम को मौके पर भेजा गया
- घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने के निर्देश दिए गए
घायलों का जिला अस्पताल में इलाज जारी
प्रशासन और स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को गरियाबंद जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. हरीश चौहान ने बताया कि:
- कुछ मरीजों को मामूली फ्रैक्चर हुआ है
- सभी का इलाज जारी है
- स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है
रेस्क्यू में दिखी तेजी
हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों ने मिलकर तेजी से रेस्क्यू अभियान चलाया। कुछ ही समय में सभी घायलों को पेड़ के नीचे से निकालकर अस्पताल भेजा गया।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते रेस्क्यू न किया जाता तो हादसा और बड़ा हो सकता था।
कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा पर सवाल
इस घटना के बाद कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि इतने बड़े आयोजन में पेड़ों के आसपास भीड़ और चढ़ने जैसी स्थिति को रोकने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी।
अब प्रशासन इस पूरे मामले की समीक्षा कर सकता है ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।
प्रशासन की निगरानी में इलाज
फिलहाल सभी घायल अस्पताल में भर्ती हैं और डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर रखे हुए है। प्रशासन ने भी आश्वासन दिया है कि सभी घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।