समाधान शिविर महासमुंद
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में आयोजित सुशासन तिहार के तहत लगे समाधान शिविर ने एक बार फिर आम लोगों को राहत देने का काम किया। शिविर में न सिर्फ लंबित मामलों का त्वरित समाधान हुआ, बल्कि कई लोगों को मौके पर ही जरूरी दस्तावेज भी उपलब्ध कराए गए।
इसी दौरान ग्राम आंवराडबरी के युवा अखिलेश साहू के लिए यह शिविर खास बन गया, जब उनका लर्निंग लाइसेंस कुछ ही मिनटों में जारी कर दिया गया।
मिनटों में बना लर्निंग लाइसेंस
शिविर में अखिलेश साहू ने लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। प्रक्रिया पूरी होने के बाद मात्र कुछ ही समय में उनका लाइसेंस जारी कर दिया गया।
इस त्वरित कार्रवाई से अखिलेश बेहद खुश नजर आए। उन्होंने कहा कि पहले छोटे-छोटे कामों के लिए भी सरकारी दफ्तरों के कई चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब समाधान शिविर में गांव में ही सुविधाएं मिल रही हैं।
आबादी पट्टा मिलने से दूसरी बड़ी खुशी
इसी शिविर में आंवराडबरी के ही निवासी खोमनलाल साहू को भी बड़ी राहत मिली। वे लंबे समय से जिस जमीन पर मकान बनाकर रह रहे थे, उसका आबादी पट्टा उन्हें नहीं मिल पाया था।
शिविर में आवेदन देने के बाद:
- मौके पर ही आबादी पट्टा तैयार किया गया
- उन्हें तुरंत दस्तावेज सौंप दिया गया
- वर्षों पुरानी समस्या का समाधान हो गया
पट्टा मिलने के बाद उनकी खुशी देखते ही बन रही थी।
सुशासन तिहार से मिल रही तेज सेवाएं
जिले में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहकर लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान कर रहे हैं।
शिविरों में आम लोगों को मिल रही सुविधाएं:
- भू-अधिकार पत्र
- आधार कार्ड और राशन कार्ड
- प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ
- निःशुल्क दवाइयों का वितरण
- दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल
- किसानों को पौधों का वितरण
ग्रामीणों को मिल रही राहत
ग्रामीणों का कहना है कि पहले छोटे-छोटे कामों के लिए महीनों तक दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब समाधान शिविरों के कारण कई सेवाएं मौके पर ही मिल जा रही हैं।
इससे प्रशासन और आम जनता के बीच दूरी कम हो रही है और लोगों में सरकारी योजनाओं के प्रति भरोसा भी बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को दिया धन्यवाद
लाभार्थियों ने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया।
लोगों का कहना है कि सुशासन तिहार जैसी योजनाओं से शासन सीधे जनता के दरवाजे तक पहुंच रहा है और समस्याओं का त्वरित समाधान हो रहा है।