डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग
मुख्यमंत्री ने डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग में क्रिएटर्स से की अपील
रायपुर, 16 अप्रैल 2026: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर में आयोजित “डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग” में देशभर के कंटेंट क्रिएटर्स का स्वागत किया और उन्हें छत्तीसगढ़ की बदलती पहचान को दुनिया तक पहुँचाने के लिए प्रेरित किया। इस कार्यक्रम में उन्होंने प्रदेश के इतिहास, संस्कृति, और विकास की यात्रा को साझा करते हुए, डिजिटल माध्यम के प्रभाव को भली-भांति रेखांकित किया।
छत्तीसगढ़ का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सिर्फ एक राज्य नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और प्रकृति का अद्भुत संगम है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ की भूमि भगवान श्रीराम के ननिहाल और माता कौशल्या के मायके के रूप में प्रसिद्ध है। यहां के ऐतिहासिक स्थल जैसे दंडकारण्य और अबूझमाड़ ने छत्तीसगढ़ को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रूप से एक विशिष्ट स्थान दिलाया है।
नक्सलवाद से मुक्ति और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ कभी नक्सलवाद से प्रभावित था, लेकिन अब यह राज्य तेजी से बदल रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में राज्य की नक्सलवाद से मुक्ति के लिए किए गए प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अब गांव-गांव में विकास की मुख्यधारा पहुंच रही है, जो राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
बस्तर: पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहर का खजाना
मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर संभाग के प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक धरोहर की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बस्तर के जलप्रपात, घने वन, और जनजातीय जीवन को देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बताया। खासतौर पर, उन्होंने बस्तर के धुड़मारास गांव को यूनेस्को द्वारा दुनिया के 20 सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्थलों में शामिल किए जाने पर गर्व व्यक्त किया।
क्रिएटर्स से आग्रह: छत्तीसगढ़ की सकारात्मक छवि को फैलाएं
मुख्यमंत्री ने कंटेंट क्रिएटर्स से आग्रह किया कि वे छत्तीसगढ़ की बदलती छवि को सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफार्मों के माध्यम से दुनिया तक पहुँचाएं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि बस्तर के दिव्यांग बालक मड्डा राम का वीडियो वायरल होने पर क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने उसे क्रिकेट किट भेजी, जो सोशल मीडिया की ताकत को साबित करता है।
“छत्तीसगढ़ विजन 2047” और औद्योगिक विकास
मुख्यमंत्री ने राज्य के औद्योगिक विकास पर भी बात की और बताया कि नई औद्योगिक नीति के तहत पिछले दो वर्षों में 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। साथ ही, उन्होंने “छत्तीसगढ़ विजन 2047” के तहत राज्य को विकसित बनाने की दिशा में हो रहे प्रयासों की जानकारी दी।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष योजनाएं
मुख्यमंत्री ने “नियद नेल्ला नार योजना” का जिक्र किया, जिसके माध्यम से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी, राशन, और दूरसंचार जैसी मूलभूत सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इस योजना के तहत बस्तर ओलंपिक और सांस्कृतिक आयोजनों के जरिए युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।
डिजिटल इंडिया का प्रभाव और क्रिएटर्स की भूमिका
मुख्यमंत्री श्री साय ने डिजिटल इंडिया के प्रभाव को उजागर करते हुए कहा कि आज डिजिटल भुगतान जैसे कार्य भी ग्रामीण इलाकों में आसानी से हो रहे हैं। उन्होंने क्रिएटर्स से यह अपील की कि वे इस परिवर्तन को और आगे बढ़ाएं और डिजिटल माध्यम का सही उपयोग करें।
रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी के उपाध्यक्ष का संदेश
कार्यक्रम में रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी के उपाध्यक्ष श्री विनय सहस्त्रबुद्धे ने छत्तीसगढ़ के नक्सलवाद से मुक्ति और विकास की दिशा में किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कंटेंट क्रिएटर्स से अपील की कि वे छत्तीसगढ़ की सकारात्मक और सच्ची छवि को अपने मंचों के माध्यम से फैलाएं। उनका कहना था कि डिजिटल माध्यम अब सिर्फ अभिव्यक्ति का साधन नहीं, बल्कि समाज में नई सोच और विश्वास का निर्माण करने का एक प्रभावशाली माध्यम बन चुका है।
समारोह में अन्य प्रमुख व्यक्तियों की उपस्थिति
इस कार्यक्रम में विधायक श्री किरण सिंह देव, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री आर. कृष्णा दास, डॉ. गुरु पासवान, श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, और जनसंपर्क आयुक्त श्री रजत बंसल सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।