स्पेस ऑन व्हील्स
जशपुर में “स्पेस ऑन व्हील्स” – बच्चों को अंतरिक्ष विज्ञान से जोड़ने की अद्भुत पहल
रायपुर, 16 अप्रैल 2026: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में एक नया अध्याय जुड़ गया है। “स्पेस ऑन व्हील्स” कार्यक्रम के तहत, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की मोबाइल प्रदर्शनी बस ने जिले के स्कूलों का दौरा किया, जिससे बच्चों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जिज्ञासा और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा मिला।
मुख्यमंत्री का इस कार्यक्रम में समर्थन
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रणजीता स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम का अवलोकन किया। उन्होंने इस अत्याधुनिक अंतरिक्ष गाड़ी का निरीक्षण करते हुए विद्यार्थियों से बातचीत की और उनके वैज्ञानिक दृष्टिकोण की सराहना की। मुख्यमंत्री ने बच्चों के आत्मविश्वास को देखते हुए कहा, “आज के समय में विज्ञान और तकनीक ही विकास की नींव हैं। “स्पेस ऑन व्हील्स” जैसे कार्यक्रम दूरस्थ क्षेत्रों में बच्चों को विज्ञान में रुचि विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।”
छात्रों ने समझाई अंतरिक्ष तकनीकें
कार्यक्रम के दौरान, शासकीय महारानी लक्ष्मी बाई उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जशपुर की कक्षा 12वीं की छात्राएं—कुमारी अंशु पासवान, भूमिका डाहरे, और सारिका साहनी—ने चंद्रयान, मंगलयान और अन्य अंतरिक्ष मिशनों की कार्यप्रणाली को सरल और प्रभावी ढंग से मुख्यमंत्री को समझाया। इस पहल ने बच्चों में आत्मविश्वास और उत्साह को बढ़ाया, जो अब अपनी ज्ञानवर्धन की यात्रा में और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित हैं।
“स्पेस ऑन व्हील्स” कार्यक्रम की विशेषताएँ
- अंतरिक्ष विज्ञान का चलता-फिरता विद्यालय: “स्पेस ऑन व्हील्स” एक अत्याधुनिक मोबाइल प्रदर्शनी है, जो अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़ी जानकारी को सीधे छात्रों तक पहुंचाने का कार्य करती है।
- इंटरएक्टिव प्रदर्शन: इस प्रदर्शनी में PSLV, GSLV, चंद्रयान, मंगलयान और रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट के मॉडल शामिल हैं। इसके अलावा, ऑडियो-विजुअल माध्यम और लाइव डेमो के जरिए छात्रों को अंतरिक्ष विज्ञान की जटिल तकनीकों को सरल और प्रभावी तरीके से समझाया जाता है।
- नवीनतम तकनीक से सजी प्रदर्शनी: यह प्रदर्शनी छात्रों को अंतरिक्ष में हो रहे विभिन्न मिशनों, सैटेलाइट्स, और अनुसंधान कार्यों के बारे में जानकारी देती है, जो उन्हें प्रेरित करती है।
विज्ञान भारती का सहयोग और बच्चों का उत्साह
इस कार्यक्रम को विज्ञान भारती के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है, और इसके तहत सभी विकासखंडों में यह पहल चल रही है। यह पहल विशेष रूप से उन बच्चों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है, जो बड़े शहरों और इसरो केंद्रों तक पहुंचने में सक्षम नहीं हैं।
मुख्यमंत्री ने बच्चों को किया सम्मानित
मुख्यमंत्री श्री साय ने “स्पेस ऑन व्हील्स” के माध्यम से जिले के विभिन्न स्कूलों में विज्ञान की जानकारी देने वाले 17 बच्चों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। उन्होंने विद्यार्थियों को “द मैजिक ऑफ नाइट स्काई” पुस्तिका भी वितरित की, ताकि वे अंतरिक्ष विज्ञान के और अधिक करीब जा सकें।
दूरस्थ क्षेत्रों में विज्ञान का प्रचार
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य केवल अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जागरूकता बढ़ाना नहीं, बल्कि युवाओं को STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए भी प्रेरित करना है। यह कार्यक्रम 10,000 से अधिक विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित करेगा, जो अपने भविष्य में विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होंगे।
स्पेस ऑन व्हील्स का प्रभाव
“स्पेस ऑन व्हील्स” अब जशपुर में युवाओं के लिए एक नया अवसर बन गया है, जो भविष्य में जिले को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाने में मदद करेगा। इस पहल ने जशपुर के बच्चों को अंतरिक्ष विज्ञान से जोड़ने का एक अनूठा तरीका प्रस्तुत किया है, जो न केवल उनकी जिज्ञासा को बढ़ा रहा है, बल्कि उन्हें आने वाले समय में अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीकी क्षेत्र में नए संभावनाओं के लिए भी तैयार कर रहा है।
मुख्य बिंदु:
- “स्पेस ऑन व्हील्स” कार्यक्रम ने जशपुर के बच्चों में अंतरिक्ष विज्ञान की समझ बढ़ाई।
- मुख्यमंत्री ने बच्चों के आत्मविश्वास को सराहा और विज्ञान को बढ़ावा देने की महत्वता पर जोर दिया।
- बच्चों ने चंद्रयान और मंगलयान जैसे अंतरिक्ष मिशनों को सरल तरीके से समझाया।
- “स्पेस ऑन व्हील्स” में इसरो द्वारा प्रदर्शित मॉडल्स और इंटरएक्टिव डेमो शामिल थे।
- 10,000+ विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना।
- विज्ञान भारती के सहयोग से यह पहल जिले के सभी विकासखंडों में चलाई जा रही है।