खनिज प्रभावित गांवों को मॉडल गांव में बदलने की योजना, कलेक्टर ने निर्देश दिए

मॉडल गांव


खनिज प्रभावित गांवों को मॉडल गांव के रूप में विकसित करने की योजना
उत्तर बस्तर कांकेर – जिले के खनिज प्रभावित क्षेत्र के कोर एरिया में स्थित गांवों को मॉडल गांव के रूप में विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने इस संबंध में कार्ययोजना बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।

योजना का उद्देश्य

यह योजना खनिज प्रभावित गांवों में रहने वाले लोगों के लिए बेहतर जीवन स्तर सुनिश्चित करने के लिए बनाई जा रही है। इन गांवों में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी, जैसे:

  • सड़कें
  • बिजली
  • पानी
  • आंगनबाड़ी केंद्र
  • स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी अन्य सुविधाएं

इस परियोजना के तहत इन गांवों में सभी आवश्यक सामाजिक और बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा, ताकि यहां के लोग बेहतर जीवन जी सकें और उनका विकास हो सके।

कलेक्टर के निर्देश

सोमवार को आयोजित समय-सीमा बैठक में कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने इस योजना के क्रियान्वयन के लिए कई अहम निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के लिए कहा। साथ ही, सभी विभागों को आगामी पांच साल की कार्ययोजना तैयार करने के लिए भी कहा गया है।

बस्तर मुन्ने अभियान की सफलता पर जोर

कलेक्टर ने बस्तर मुन्ने अभियान की सफलता के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि इसके तहत पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी स्थानीय निवासियों को उपलब्ध कराना बेहद महत्वपूर्ण है।

ई-ऑफिस और समयबद्ध कार्य की दिशा

कलेक्टर ने यह भी निर्देशित किया कि सभी विभागों को ई-ऑफिस प्रणाली के तहत कार्य करना चाहिए और कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करनी चाहिए। यह कदम सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और समयबद्धता को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है।

बैठक में मौजूद अधिकारी

इस बैठक में जिला पंचायत के सीईओ श्री हरेश मंडावी, अपर कलेक्टर श्री जितेन्द्र कुर्रे, श्री ए.एस. पैकरा, सभी एसडीएम, विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और नगरीय निकायों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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