“भाषा के आधार पर भेदभाव करने वाले किड्स एकेडमी पर एक लाख का जुर्माना, स्कूल संचालन पर रोक”

भाषा भेदभाव


भाषा के आधार पर भेदभाव करने वाले किड्स एकेडमी पर जुर्माना और संचालन पर रोक
अम्बिकापुर, छत्तीसगढ़ – स्वरंग किड्स एकेडमी (पेशागी एजूकेशन सोसायटी), चोपड़ापारा अम्बिकापुर पर एक गंभीर कार्रवाई करते हुए 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यह कार्रवाई स्कूल द्वारा एक 4 वर्षीय बच्चे को भाषा के आधार पर प्रवेश देने से इंकार करने के मामले में की गई है। इसके अलावा, स्कूल के संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक भी लगा दी गई है।

मामले की जानकारी

यह मामला जब सामने आया, तो इसे लेकर सोशल मीडिया और न्यूज़ चैनलों पर भी चर्चा तेज हो गई। कलेक्टर अजीत वसंत ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की जांच के निर्देश दिए। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी डॉ दिनेश कुमार झा की अगुवाई में विस्तृत जांच की गई, जिससे यह गंभीर आरोप सामने आए।

क्या हुआ था?

स्वरंग किड्स एकेडमी ने एक 4 साल के बच्चे को इस आधार पर प्रवेश देने से मना कर दिया कि वह हिंदी नहीं बोल सकता और स्थानीय सरगुजिहा भाषा में बात करता है। विद्यालय ने यह भी कहा कि इस स्कूल में “बड़े घर के बच्चे” पढ़ते हैं और शिक्षक बच्चे की भाषा नहीं समझ पा रहे थे, इसलिए उसे प्रवेश नहीं दिया जा सकता।

यह भाषा आधारित भेदभाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के खिलाफ है, जो हर बच्चे को समान अवसर देने की बात करता है। यही नहीं, यह निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 का भी उल्लंघन था।

शिक्षा विभाग ने क्या कार्रवाई की?

जांच में यह भी सामने आया कि स्वरंग किड्स एकेडमी बिना विभागीय मान्यता के संचालित हो रही थी, और शिक्षकों ने अपनी गलती स्वीकार की। इसके बाद, शासन ने विद्यालय पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया और तत्काल प्रभाव से स्कूल का संचालन स्थगित कर दिया।

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