डिजिटल जनगणना
उत्तर बस्तर कांकेर में भारत की पहली डिजिटल जनगणना के लिए प्रशिक्षण
उत्तर बस्तर कांकेर, छत्तीसगढ़ – भारत की जनगणना 2027 के लिए सुपरवाइजर और प्रगणकों को प्रशिक्षण दिया गया है। यह प्रशिक्षण दो चरणों में हुआ, जिसमें पहले चरण का आयोजन 13, 14 और 15 अप्रैल को हुआ, जबकि दूसरे चरण का प्रशिक्षण 18, 19 और 20 अप्रैल को पूरा हुआ।
2027 जनगणना: एक नई पहल
भारत की आगामी जनगणना 2027 देश की 16वीं जनगणना होगी और स्वतंत्रता के बाद की 8वीं जनगणना होगी। इस बार की जनगणना विशिष्ट और ऐतिहासिक है क्योंकि यह भारत की पहली डिजिटल जनगणना होगी। इस बार आंकड़ों का संग्रहण डिजिटल उपकरणों के माध्यम से किया जाएगा, और इसके लिए एक विशेष एचएलबी ऐप का उपयोग किया जाएगा।
डिजिटल जनगणना: प्रक्रिया और मॉनिटरिंग
जनगणना के आंकड़े डिजिटल उपकरणों के माध्यम से इकट्ठा किए जाएंगे, और इसके साथ ही डेटा की मॉनिटरिंग सीएमएमएस पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। प्रगणकों द्वारा मोबाइल एप्लिकेशन का इस्तेमाल करते हुए परिवारों से आंकड़े एकत्र किए जाएंगे। प्रशिक्षण के दौरान सभी सुपरवाइजर और प्रगणकों को इस डिजिटल प्रक्रिया की पूरी जानकारी दी गई।
कांकेर में जनगणना प्रशिक्षण
कांकेर जिले में 100 ग्रामों को 160 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (HLB) में बांटा गया है। इन 160 ब्लॉकों के लिए 160 प्रगणक और 27 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं। प्रशिक्षकों द्वारा इन सभी को आगामी जनगणना कार्य के लिए एचएलबी ऐप के माध्यम से 34 प्रश्नों के उत्तर लेने का तरीका समझाया गया। इस ऐप के जरिए मकान और भवनों का सूचीकरण कार्य किया जाएगा, जो 01 मई से 30 मई तक पूरा किया जाएगा।
पूर्व अभ्यास में नगर निगम अध्यक्ष की सहभागिता
पूर्व अभ्यास के दौरान, नगरपालिका अध्यक्ष अरुण कौशिक ने भी एचएलबी ऐप के माध्यम से 34 प्रश्नों का उत्तर देकर जनगणना कार्य में अपनी सक्रिय सहभागिता दी। उन्होंने इस प्रक्रिया की सराहना करते हुए कहा, “यह डिजिटल माध्यम से जानकारी देना बहुत ही सुविधाजनक है और इस कार्य में सभी को सहयोग करना चाहिए।”
जनगणना में सामूहिक सहयोग की अपील
नगरपालिका अध्यक्ष ने आमजनों से अपील की कि वे जनगणना कार्य में पूरी तरह से सहयोग करें क्योंकि यह देश की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। जनगणना से जुड़ी सटीक आंकड़ों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जो राष्ट्रीय विकास में सहायक होते हैं।