नकली चीफ जस्टिस, फर्जी CBI; साइबर ठगों ने उद्योगपति को कैसे लगाया 7 करोड़ का चूना

हाल ही में मशहूर कपड़ा उद्योगपति और वर्धमान समूह के चेयरमैन एसपी ओसवाल से 7 करोड़ की ठगी हो गई। साइबर क्राइम गिरोह ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के अधिकारी बनकर एक फर्जी वर्चुअल कोर्टरूम बना दिया। गिरोह ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ बन कर ऑर्डर भी दे दिया। जालसाजों ने खुद को CBI अधिकारियों के रूप में पेश कर ओसवाल पर जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शामिल होने का आरोप लगाया जिन्हें पिछले साल सितंबर में प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक ओसवाल पर अपने आधार कार्ड का दुरुपयोग करके फर्जी पासपोर्ट और डेबिट कार्ड के साथ मलेशिया में पार्सल भेजने और गिरफ्तारी वारंट की धमकी देने का भी आरोप है। साइबर ठगों ने स्काइप कॉल के जरिए सुप्रीम कोर्ट की फर्जी सुनवाई की जिसमें मामले की सुनवाई CJI कर रहे थे। हालांकि बाद में यह सब फ्रॉड साबित हुआ। ओसवाल को व्हाट्सएप पेट एक फर्जी, मुहर लगी सुप्रीम कोर्ट के आदेश का एक मैसेज भी मिला था जिसमें उन्हें एक सीक्रेट अकाउंट में 7 करोड़ रुपए जमा करने का निर्देश दिया गया था।

ओसवाल ने बताया, “स्काइप पर फर्जी सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान उन्होंने जज का परिचय जस्टिस चंद्रचूड़ के रूप में कराया हालांकि मैं उनका चेहरा नहीं देख पाया। लेकिन मुझे वो बात करते और मेज पर हथौड़ा मारते हुए दिख रहे थे। लिखित सुप्रीम कोर्ट का आदेश इतना सही और मुहर लगी हुई थी कि मुझे विश्वास हो गया कि यह असली है और मैंने राशि ट्रांसफर कर दी।” उन्होंने आगे कहा, “मुझे सुप्रीम कोर्ट के कुछ अन्य फर्जी दस्तावेज भी मिले जिसमें मामले का उल्लेख ‘जस्टिस धनंजय वाई चंद्रचूड़ बनाम श्री पॉल ओसवाल’ के रूप में किया गया था।”

जब उनकी एक कंपनी के वरिष्ठ सदस्य ने मामले में गड़बड़ी की ओर आशंका जताई तब ओसवाल ने पुलिस से संपर्क किया। अधिकारियों ने अब तक 5.25 करोड़ रुपये बरामद किए गए हैं और ओसवाल के बैंक खाते में वापस कर दिए गए हैं। 31 अगस्त को मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के बाद पुलिस ने एक अंतरराज्यीय गिरोह की पहचान की हज और गुवाहाटी में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।

अधिकारी सात और संदिग्धों की तलाश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गिरोह असम, पश्चिम बंगाल और दिल्ली में काम करता है। पंजाब पुलिस के महानिदेशक ने सोमवार को ट्वीट कर बताया, “अंतरराज्यीय साइबर धोखाधड़ी गिरोह को पकड़ने में लुधियाना पुलिस द्वारा सराहनीय कार्य। असम पुलिस की मदद से गुवाहाटी से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है और सात और लोगों को नामजद किया गया है।” आई4सी डेटा के अनुसार एटीएम कार्ड और मोबाइल फोन के साथ 5.25 करोड़ रुपये भारत में अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी है।

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