मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 23 अप्रैल को सोना और चांदी दोनों की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में सोना आधे प्रतिशत से अधिक टूटकर करीब ₹1,51,947 प्रति 10 ग्राम के आसपास आ गया, जबकि चांदी लगभग 2% से ज्यादा गिरकर ₹2,43,856 प्रति किलोग्राम के स्तर पर ट्रेड करती दिखी। आइए आपको बताते हैं कि वो पांच कारण जो सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के लिए जिम्मेदार हैं।
इस गिरावट के पीछे कई वैश्विक और आर्थिक कारण बताए जा रहे हैं। पहला बड़ा कारण अमेरिकी डॉलर की मजबूती है। डॉलर इंडेक्स में हल्की बढ़त के चलते सोने पर दबाव बढ़ा, क्योंकि मजबूत डॉलर में सोना महंगा हो जाता है और उसकी मांग घट जाती है।
दूसरा कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल है। ब्रेंट क्रूड (Brent Crude Oil) की कीमतें लगभग 2% बढ़कर $103 प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गईं। तेल महंगा होने से वैश्विक बाजार में डॉलर की मांग बढ़ती है, जिसका असर सोने पर नकारात्मक पड़ता है।
तीसरा कारण भू-राजनीतिक तनाव है, खासकर अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव। हालांकि सीजफायर बढ़ाया गया है, लेकिन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों को लेकर विवाद और टकराव की खबरों ने अनिश्चितता को बनाए रखा है। इससे बाजार में अस्थिरता बढ़ी है।
चौथा कारण यह है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व (FED) द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम हो गई है। बढ़ती महंगाई और तेल की कीमतों के कारण अब माना जा रहा है कि रेट कट टल सकता है, जो सोने के लिए नकारात्मक संकेत है।
पांचवां कारण यह है कि हाल के हफ्तों में सोने ने पहले ही मजबूत रैली दिखाई थी, लेकिन अब प्रॉफिट बुकिंग और दबाव के कारण इसमें गिरावट देखी जा रही है।
हालांकि, लंबी अवधि के नजरिए से सोने की स्थिति अभी भी मजबूत मानी जा रही है। 28 फरवरी से शुरू हुए वैश्विक तनाव के बाद से सोने में गिरावट जरूर आई है, लेकिन इस साल अब तक यह लगभग 14% का रिटर्न दे चुका है। वहीं पिछले साल इसमें करीब 75% की तेज बढ़त देखी गई थी। इसके मुकाबले शेयर बाजार का प्रमुख सूचकांक Nifty 50 इस साल अब तक लगभग 7% गिर चुका है।