“दिव्यांगजनों के लिए निःशुल्क सहायक उपकरण एवं प्रमाणीकरण शिविर 22 अप्रैल से, जानें कैसे लाभ उठाएं”

दिव्यांग प्रमाणीकरण शिविर


दिव्यांगजनों के लिए प्रमाणीकरण एवं नवीनीकरण शिविर: 22 अप्रैल से शुरू

उत्तर बस्तर कांकेर जिले में दिव्यांगजनों के लिए एक विशेष पहल के रूप में प्रमाणीकरण और नवीनीकरण शिविर का आयोजन 22 अप्रैल से किया जा रहा है। कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर के निर्देशन में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण प्रदान करना, उनके मेडिकल प्रमाणपत्र का नवीनीकरण और प्रमाणीकरण, तथा पेंशन से संबंधित समस्याओं का समाधान करना है। यह शिविर भारत सरकार के सामाजिक दायित्व के अंतर्गत एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड और भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम जबलपुर के सहयोग से आयोजित किया जाएगा।


शिविर का आयोजन: तारीखें और स्थान

यह शिविर तीन अलग-अलग स्थानों पर आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक दिव्यांगजन इसका लाभ उठा सकें। निम्नलिखित हैं शिविर की तिथियां और स्थान:

  • 22 अप्रैल – लाइवलीहुड कॉलेज, गोविंदपुर, कांकेर
  • 23 अप्रैल – भानुप्रतापपुर
  • 24 अप्रैल – कोयलीबेड़ा

सभी शिविर प्रातः 10 बजे से शाम 04 बजे तक आयोजित होंगे।


शिविर में मिलने वाली सेवाएं

इस शिविर के माध्यम से दिव्यांगजनों को विभिन्न सेवाएं प्रदान की जाएंगी, जैसे:

  • सहायक उपकरण हेतु मूल्यांकन और प्रमाणीकरण: दिव्यांगजनों को उनके दिव्यांगता स्तर के अनुसार सहायक उपकरण (जैसे कि व्हीलचेयर, सुनने की मशीन आदि) प्रदान किए जाएंगे।
  • पेंशन से संबंधित समस्याओं का समाधान: दिव्यांग पेंशन से जुड़ी किसी भी प्रकार की समस्या का समाधान किया जाएगा।
  • मेडिकल प्रमाणपत्र और यूडीआईडी कार्ड पंजीकरण: जो दिव्यांगजन अपना मेडिकल प्रमाणपत्र या यूडीआईडी कार्ड नहीं बनवा पाए हैं, उन्हें मौके पर पंजीकरण की सुविधा मिलेगी।

इसके अलावा, दिव्यांगजनों के सत्यापन की प्रक्रिया भी की जाएगी, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ त्वरित और पारदर्शी तरीके से मिल सके।


पात्र दिव्यांगजनों को लाने के लिए जरूरी दस्तावेज

निःशुल्क सहायक उपकरण प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित दस्तावेज लाना अनिवार्य होगा:

  • यूडीआईडी कार्ड: 40 प्रतिशत या अधिक दिव्यांगता वाले दिव्यांगजनों के लिए।
  • आय प्रमाण पत्र: 100 प्रतिशत दिव्यांग नेत्र सुगम्य केन या स्मार्टफोन हेतु।
  • आधार कार्ड: सभी दिव्यांगजनों के लिए आधार कार्ड अनिवार्य।
  • राशन कार्ड और बैंक खाता विवरण: मासिक आय 22,500 रुपये से कम होने पर।
  • पासपोर्ट साइज फोटो: दिव्यांगजन का हाल ही में लिया गया फोटो।

इसके अलावा, मेडिकल प्रमाणपत्र और यूडीआईडी कार्ड न होने पर समाज कल्याण विभाग द्वारा मौके पर पंजीकरण किया जाएगा।


शिविर से होने वाले लाभ

यह शिविर दिव्यांगजनों के लिए कई प्रकार से लाभकारी साबित होगा:

  • सरकारी योजनाओं का त्वरित लाभ: दिव्यांगजनों को प्रमाणीकरण और यूडीआईडी कार्ड से विभिन्न सरकारी योजनाओं का शीघ्र और पारदर्शी लाभ मिल सकेगा।
  • सहायक उपकरण प्राप्ति: दिव्यांगजनों को उनके स्वास्थ्य और जरूरत के हिसाब से सहायक उपकरण प्राप्त होंगे, जिससे उनकी जीवन गुणवत्ता में सुधार होगा।
  • पेंशन समस्याओं का समाधान: पेंशन संबंधित समस्याओं का समाधान होने से दिव्यांगजनों को आर्थिक सहायता मिलेगी।

कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने यह भी कहा कि शिविर के दौरान मोबाइल नंबर को आधार से लिंक या अपडेट कराना जरूरी है, ताकि किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

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