“सिविल सर्विस डे पर छत्तीसगढ़ में विशेष कार्यक्रम, मुख्यमंत्री की योजनाओं पर चर्चा”

सिविल सर्विस डे


सिविल सर्विस डे: छत्तीसगढ़ में शासन की योजनाओं के लाभ के लिए प्रयास

रायपुर में आज मंत्रालय महानदी भवन में सिविल सर्विस डे धूमधाम से मनाया गया। मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ राज्य में नागरिकों तक सरकारी सेवाओं को अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाना था। इस अवसर पर शासन की विभिन्न योजनाओं की चर्चा करते हुए, मुख्य सचिव ने राज्य में नागरिकों को अधिक से अधिक सेवाएं प्रदान करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के बारे में बताया।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार 750 से अधिक सेवाओं को लोक सेवा गारंटी सेवा (PSG) के तहत अधिसूचित करने जा रही है, ताकि आम जनता को इन सेवाओं का समय पर और प्रभावी लाभ मिल सके। इसके अलावा, लोक सेवा गारंटी सेवाओं के दायरे में अधिक से अधिक योजनाओं को शामिल करने की योजना भी है, जो प्रशासन को पारदर्शिता और गति प्रदान करेगी।


सिविल सर्विस डे का महत्व: देशभर में प्रशासन की उत्कृष्टता को प्रोत्साहन

सिविल सर्विस डे के राष्ट्रीय स्तर पर आयोजन के बारे में बताते हुए, मुख्य सचिव ने जानकारी दी कि भारत सरकार द्वारा 21 अप्रैल को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में सिविल सर्विस डे मनाया जाता है। इस दिन, देशभर के उत्कृष्ट अधिकारियों और विभागों को उनके शानदार कार्यों के लिए सम्मानित किया जाता है। छत्तीसगढ़ में इस दिन के अवसर पर भी प्रशासनिक कार्यों के महत्व को समझाया गया और सरकारी अधिकारियों के समर्पण को सराहा गया।

पूर्व मुख्य सचिव श्री सुयोग्य कुमार मिश्रा ने सिविल सर्विस डे पर प्रशासन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने प्रशासन के कार्यों और उनके महत्व को समझाने का प्रयास किया, ताकि आम जनता प्रशासनिक सेवाओं के प्रति अपना विश्वास और उम्मीद बनाए रख सके।


मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और ई-डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट

कार्यक्रम के दौरान, सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव श्री राहुल भगत ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस हेल्पलाइन के माध्यम से लोग अपनी समस्याओं को विभिन्न माध्यमों से शिकायत दर्ज कर सकते हैं और उनका समाधान शीघ्रता से किया जाता है। यह पहल शासन की तरफ से जनता के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करती है और पारदर्शिता को बढ़ावा देती है।

इसके अतिरिक्त, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद ने ई-डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट के बारे में भी जानकारी दी। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य राज्य में प्रशासनिक प्रक्रियाओं को डिजिटल रूप में आसान बनाना है, जिससे नागरिकों को सरकारी सेवाओं तक जल्दी पहुंच मिल सके और अधिकारियों का कार्यभार भी कम हो।


कार्यक्रम में शामिल हुए प्रमुख अधिकारी

कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण अधिकारी शामिल हुए। इनमें गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री अविनाश चंपावत, सामान्य प्रशासन एवं उद्योग वाणिज्य विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, परिवहन विभाग के सचिव श्री एस.प्रकाश, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद और अन्य कई विभागों के सचिव शामिल थे।

इसके साथ ही, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संभागायुक्तों और जिलों के कलेक्टरों ने भी इस आयोजन में भाग लिया, जिससे कार्यक्रम का प्रभाव राज्यभर में फैल गया।

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