सुशासन तिहार
सुशासन तिहार 2026: प्रशासन और जनता के बीच भरोसे की नई कड़ी
छत्तीसगढ़ सरकार की “सुशासन तिहार 2026” पहल अब ग्रामीण इलाकों में सीधे शासन और जनता के बीच संवाद का प्रभावी माध्यम बनती जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य है—सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा विकासखंड की ग्राम पंचायत बम्हनी में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर इसका एक महत्वपूर्ण उदाहरण रहा, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के सामने रखीं।
शिविर की प्रमुख विशेषताएं
इस आयोजन में प्रशासनिक सक्रियता और जनसुनवाई की पारदर्शिता स्पष्ट रूप से देखने को मिली:
- अधिकारियों ने आवेदकों को मंच पर बुलाकर उनकी समस्याओं की स्थिति स्पष्ट की
- सीमांकन, पेंशन और राशन कार्ड जैसे मामलों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए
- कई मामलों में दो दिनों के भीतर समाधान सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया
- ग्रामीणों को उनके अधिकारों और प्रक्रियाओं की जानकारी भी दी गई
त्वरित समाधान और समयबद्ध कार्रवाई पर जोर
कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसमस्याओं के निपटारे में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
मुख्य निर्देशों में शामिल थे:
- सीमांकन और राजस्व मामलों की जांच समय पर पूरी करना
- पेंशन और राशन कार्ड आवेदनों का शीघ्र निपटान
- शिकायतों पर फील्ड स्तर पर तुरंत कार्रवाई
- असंतोष की स्थिति में नियमानुसार पुनः जांच की सुविधा उपलब्ध कराना
महिला सशक्तिकरण की दिशा में नई पहल
शिविर में महिला स्व-सहायता समूहों की भूमिका को भी मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया। ग्राम मुरमुर को बकरी पालन क्लस्टर के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया, जिससे ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण के नए अवसर मिलेंगे।
इसके तहत:
- बकरी पालन आधारित आजीविका मॉडल विकसित किया जाएगा
- स्व-सहायता समूहों को प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा
जनकल्याण योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ वितरण
इस शिविर में केवल समस्याओं का समाधान ही नहीं हुआ, बल्कि कई लाभार्थियों को सीधे योजनाओं का लाभ भी दिया गया:
- जाति प्रमाण पत्र और आयुष्मान कार्ड का वितरण
- प्रधानमंत्री आवास योजना की चाबियां सौंपी गईं
- दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण प्रदान किए गए
- बच्चों का अन्नप्राशन और गर्भवती महिलाओं की गोद भराई
- किसान किताब, बी-वन खसरा और अन्य दस्तावेजों का वितरण
जनभागीदारी से मजबूत होता सुशासन मॉडल
शिविर में 13 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों की भागीदारी ने इस कार्यक्रम को व्यापक स्वरूप दिया। जनप्रतिनिधियों ने भी लोगों से अपील की कि वे सरकारी योजनाओं की जानकारी लेकर उनका अधिकतम लाभ उठाएं।
इस पहल ने यह स्पष्ट किया कि:
- शासन अब सीधे गांवों तक पहुंच रहा है
- समस्याओं का समाधान तेजी से किया जा रहा है
- पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता दी जा रही है