नारायणपुर जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र: बस्तर की बेटियों के लिए आत्मनिर्भरता और स्वास्थ्य सेवा की नई पहचान

जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र


नारायणपुर जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र: शिक्षा से रोजगार तक आत्मनिर्भरता की मजबूत राह

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित और दूरस्थ क्षेत्र बस्तर में स्थित नारायणपुर जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र आज स्थानीय युवाओं, खासकर बेटियों के लिए शिक्षा और आत्मनिर्भरता का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। यह संस्थान न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत कर रहा है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी तैयार कर रहा है।

इस केंद्र से प्रशिक्षित छात्राएं आज राज्य ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न अस्पतालों में अपनी सेवाएं देकर स्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त बना रही हैं।


स्थापना और उद्देश्य

नारायणपुर में स्वास्थ्य शिक्षा की शुरुआत वर्ष 2014 में एएनएम प्रशिक्षण केंद्र के रूप में हुई थी। बढ़ती जरूरतों और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को देखते हुए वर्ष 2017 में इसे उन्नत कर जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित किया गया।

इस संस्थान का मुख्य उद्देश्य है:

  • स्थानीय युवाओं को नर्सिंग शिक्षा से जोड़ना
  • ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना
  • बेटियों को आत्मनिर्भर बनाना
  • रोजगार के अवसरों को बढ़ाना

प्रवेश प्रक्रिया और प्रशिक्षण व्यवस्था

यह एक 3 वर्षीय आवासीय डिप्लोमा कोर्स है, जिसमें सीमित सीटों पर प्रवेश दिया जाता है।

मुख्य जानकारी:

  • कुल सीटें: 40
  • शैक्षणिक सत्र: हर वर्ष अक्टूबर-नवंबर में शुरू
  • योग्यता: 12वीं (विज्ञान विषय) उत्तीर्ण
  • न्यूनतम आयु: 18 वर्ष
  • आवासीय सुविधा: 108 छात्राएं वर्तमान में रहकर अध्ययन कर रही हैं
  • आर्थिक सहायता: पात्र छात्राओं को शासन द्वारा छात्रवृत्ति उपलब्ध

यह संरचना छात्राओं को सुरक्षित और व्यवस्थित माहौल में अध्ययन का अवसर प्रदान करती है।


रोजगार में उत्कृष्ट प्रदर्शन

नारायणपुर जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र की सबसे बड़ी उपलब्धि इसकी रोजगार क्षमता है।

  • वर्ष 2017 से 2023-24 तक कुल 182 छात्राएं उत्तीर्ण
  • लगभग 90% छात्राएं वर्तमान में रोजगाररत
  • शासकीय, अर्धशासकीय और निजी अस्पतालों में सेवाएं

यह आंकड़ा दर्शाता है कि संस्थान केवल शिक्षा नहीं दे रहा, बल्कि वास्तविक करियर निर्माण का मजबूत आधार भी तैयार कर रहा है।


उच्च शिक्षा और करियर विकास के अवसर

जीएनएम कोर्स पूरा करने के बाद छात्राओं के लिए आगे के कई रास्ते खुलते हैं:

  • बीएससी नर्सिंग में प्रवेश
  • नर्सिंग ऑफिसर के रूप में सरकारी अस्पतालों में अवसर
  • नर्सिंग ट्यूटर बनने का मार्ग
  • देश के प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे एम्स में करियर

इस तरह यह प्रशिक्षण केंद्र दीर्घकालिक करियर विकास का मजबूत प्लेटफॉर्म बन रहा है।


बस्तर में बदलाव की कहानी

नारायणपुर जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का माध्यम भी बन चुका है। यह क्षेत्र की बेटियों को:

  • शिक्षा के माध्यम से सशक्त बना रहा है
  • रोजगार के अवसर प्रदान कर रहा है
  • स्वास्थ्य सेवाओं में दक्ष मानव संसाधन तैयार कर रहा है

इससे न केवल व्यक्तिगत जीवन बदल रहा है, बल्कि पूरे क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था भी बेहतर हो रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *