‘एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे’, दो बाबाओं संग फोटो शेयर कर शहजाद पूनावाला क्या संदेश देना चाह रहे

केंद्र की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया एक्स पर दो अलग-अलग फोटो शेयर कर खास संदेश दिया है। चुनावी मौसम में भाजपा के नए नारे ‘एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे’ की तरफदारी करते हुए पूनावाला ने एक फोटो योग गुरु बाबा रामदेव और बागेश्वर बाबा के साथ शेयर किया है। दोनों आध्यात्मिक गुरुओं के बीच वह खुद खड़े हैं। उन्होंने एक टी-शर्ट पहन रखी है, जिसपर प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर है और एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे का नारा लिखा हुआ है। यह तस्वीर वायरल हो रही है। इसमें नीचे जय श्री राम लिखा हुआ है।

दूसरी तस्वीर में वह वही टीशर्ट पहने हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ दिख रहे हैं, जिसमें पीएम कुछ कहते हुए दिख रहे हैं, जबकि वह मुस्कुरा रहे हैं। पूनावाला का यह ट्वीट तेजी से वायरल हो रहा है।

महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा का यह नारा हिन्दुओं की एकजुटता के लिए गढ़ा गया है, जिसका मकसद चुनावी लामबंदी है। यह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ का ही विस्तारित हिस्सा है। योगी जहां अपनी सभाओं में बंटेंगे तो कटेंगे का नारा लगाकर लोगों को लामबंद करने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं प्रधानमंत्री मोदी ज्यादा कट्टर ना होकर ‘एक हैं तो सेफ हैं’ का नारा लगाकर वही कोशिश कर रहे हैं। इन दोनों नेताओं के अलावा अन्य भाजपा नेता भी इन दोनों नारों के सहारे महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव में हिन्दू वोटरों का ध्रुवीकरण करने की कोशिशों में जुटे हैं।

हालांकि, भाजपा के ‘बटेंगे तो कटेंगे’ संदेश ने उसके महायुति सहयोगियों को असहज कर दिया है, क्योंकि कई लोगों का कहना है कि महाराष्ट्र को विभाजित होने के बजाय एकजुट होना चाहिए, जिसके कारण उसके खेमे में ‘एक है तो सुरक्षित है’ का नारा दिया जा रहा है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए पूनावाला ने पीएम मोदी की तस्वीर के साथ एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे नारा को आगे बढ़ा रहे हैं, ताकि महायुति को असहज स्थितियों का सामना न करना पड़े।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को ही कहा कि कांग्रेस आरक्षण से चिढ़ती है और उसके ‘शाही परिवार’ की हमेशा से मानसिकता रही है कि उसका जन्म देश पर शासन करने के लिए ही हुआ है। महाराष्ट्र में 20 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले चिमूर में भी एक रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘यही कारण है कि आजादी के बाद कांग्रेस ने दलितों, पिछड़े वर्गों और आदिवासियों को कभी प्रगति नहीं करने दी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस आरक्षण (के विषय) से चिढ़ती है। 1980 के दशक में राजीव गांधी के नेतृत्व में पार्टी द्वारा एक विज्ञापन प्रकाशित कर दलितों, पिछड़े वर्गों और आदिवासियों को मिले विशेष अधिकारों पर सवाल उठाए गए थे।’’

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