कुछ ही मिनट में आपका घर 15 फीट पानी में डूब जाए तो क्या इसे Storm Surge कहेंगे?

समंदर में जब तूफान या हरिकेन आता है. तब एक शब्द सुनाई पड़ता है स्टॉर्म सर्ज (Storm Surge). ये क्या बला है? कैसे आता है? कहां से आता है? कितना खतरनाक है?… क्या इससे तटीय बाढ़ आती है? क्या ये नुकसानदेह है? अमेरिका में इस समय हरिकेन मिल्टन आया हुआ है. जिसकी वजह से 3 से 15 फीट स्टॉर्म सर्ज की आशंका है. 

यहां नीचे द वेदर चैनल का एक ग्राफिकल वीडियो लगा है, पहले उसे देखिए… अपने आप समझ आ जाएगा कि स्टॉर्म सर्ज क्या होता है? 

जब भी तेज हवाओं के साथ लो-एटमॉस्फियिरक प्रेशर बनता है, तब समंदर में उफान आता है. यानी उसकी लहरें तेज हो जाती हैं. ये तटों की तरफ भागती हैं. इसकी वजह से तटीय इलाकों पर बसे शहरों में समंदर का पानी कई फीट ऊपर तक भर जाता है. इसे ही स्टॉर्म सर्ज कहते हैं. ये एक फीट से लेकर 20 फीट तक हो सकता है. 

तेज हवाओं के साथ लो-एटमॉस्फियिरक प्रेशर बनने का मतलब है तूफान आया हुआ है. या आने वाला है. स्टॉर्म सर्ज भयानक लहरें होती हैं, जो तेज गति से आती हैं. इनसे घर उखड़ जाते हैं. नींव में पानी भर जाता है. तटीय इलाकों में भारी तबाही मचती है. तटीय बाढ़ को रोकने के सिस्टम को भी ये तोड़ डालता है. 

जब भी समंदर में उठने वाला कोई तूफान तट की तरफ पहुंचता है, वह अपने साथ समंदर का बहुत सारा पानी जमीन की ओर लेकर आता है. इसे ही स्टॉर्म सर्ज कहते हैं. इसमें समंदर का पानी धीरे-धीरे भी बढ़ सकता है. या फिर अचानक भी बढ़ सकता है. यह निर्भर करता है तूफान के आकार और ताकत पर. यह बाढ़ कुछ घंटों से लेकर एक दो दिन तक भी रह सकता है. जैसे ही तूफान खत्म होता है ये बाढ़ भी खत्म हो जाती है. 

खुले समंदर में जब तूफान या हरिकेन की तेज हवाएं पानी से टकराती हैं, तो वो इसे धकेलती हैं. इसकी वजह से तूफान एक दिशा में काफी पानी फेंकता है. अगर लो-प्रेशर सिस्टम है तो तूफान की वजह से पानी थोड़ा ऊपर भी उठता है. फिर ये दोनों ही कंडीशन मिलकर स्टॉर्म सर्ज को खुले समंदर में पैदा करते हैं. फिर तट की ओर आते हैं. 

अगर तट के पास समंदर की गहराई एकदम से न होकर छिछली हो. यानी ढलान हल्का हो सीधा नहीं तो खतरा ज्यादा बढ़ जाता है. जैसे अमेरिका लुईसियाना और टेक्सास में तट का स्लोप छिछला है. इसलिए हरिकेन कटरीना में बहुत भयानक स्टॉर्म सर्ज आया था. पूरा का पूरा न्यू ओरलींस डूब गया था. हरिकेन इके की वजह से 15 से 17 फीट ऊंचा स्टॉर्म सर्ज आया था. जिसकी वजह से टेक्सास और बोलिवर में सैकड़ों घर डूब गए थे. 

अगर स्टॉर्म सर्ज तट के बगल मौजूद किसी खाड़ी या नदी में आता है, तो वह तेल डालने वाली कुप्पी जैसा काम करता है. इससे आपदा और बढ़ जाती हैं. यानी बंगाल की खाड़ी में स्टॉर्म सर्ज आए तो पश्चिम बंगाल के कई इलाके पानी में डूब जाएंगे, क्योंकि वहां कई नदियों का संगम होता है. ये नदियां वहां फनेल का काम करेंगी. 

समंदर की लहरें भी स्टॉर्म सर्ज को ताकत देती हैं. जिसकी वजह चंद्रमा या सूरज भी हो सकता है. क्योंकि इनके चुंबकीय क्षेत्र की वजह से समंदर की लहरों में उछाल और गिरावट आती है. इसलिए तूफान और हरिकेन के समय लोकल समुद्री टाइड्स की टाइमिंग का पता होना जरूरी है. हाईटाइड में तो वैसे भी पानी उछाल पर रहता है. ऐसे में तूफान की वजह से उसे ताकत मिलेगी तो स्टॉर्म सर्ज बहुत ज्यादा ही भयावह हो जाएगा. 

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