“जग्गी हत्याकांड: अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत, सरेंडर पर रोक, सीबीआई को नोटिस जारी”

अमित जोगी

रायपुर: छत्तीसगढ़ के चर्चित रामअवतार जग्गी हत्याकांड में पूर्व विधायक अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। गुरुवार को जिस दिन उनकी सरेंडर करने की डेडलाइन थी, उस पर कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी। यह फैसला तब आया जब जोगी की ओर से सीबीआई और बिलासपुर हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई थी।

सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला:

अमित जोगी ने सीबीआई को अपील करने की अनुमति देने वाले आदेश और बिलासपुर हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें हत्या का दोषी ठहराकर उम्रकैद की सजा दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने इन दोनों मामलों की सुनवाई के बाद जोगी को सरेंडर करने से रोक दिया और सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अब सीबीआई को जवाब देने के लिए समय दिया गया है, और इस मामले की आगे की सुनवाई में इस केस का रुख तय होगा।

हत्याकांड और मामले की पृष्ठभूमि:

यह मामला 4 जून 2003 का है, जब रामअवतार जग्गी, जो कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के तत्कालीन नेता थे, को रायपुर के मौदहापारा पुलिस थाने के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में अमित जोगी सहित 29 अन्य लोग आरोपित थे। शुरुआत में निचली अदालत ने जोगी को बरी कर दिया था, लेकिन बाद में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराया और उम्रकैद की सजा सुनाई।

अमित जोगी ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, और आज के फैसले ने उन्हें बड़ी राहत दी। कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक जारी की और इस मामले में आगे की सुनवाई के लिए सीबीआई से जवाब मांगा है।

जोगी की ओर से दलीलें:

अमित जोगी के वकील कपिल सिब्बल ने पिछली सुनवाई में कहा था कि हाई कोर्ट ने उनका पक्ष सुने बिना ही फैसला दिया, जो एकतरफा था। जोगी के वकील यह भी दलील दे रहे हैं कि उनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं, और इस कारण सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए सजा और गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी है।

सीबीआई के लिए अगला कदम:

सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को नोटिस जारी करते हुए उनसे जवाब मांगा है, और इस मामले का अगला फैसला अब सीबीआई के जवाब पर निर्भर करेगा। इस फैसले से अमित जोगी को फिलहाल राहत मिली है, लेकिन उनका भविष्य सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगा।

प्रदेश की राजनीति पर असर:

इस फैसले को छत्तीसगढ़ की राजनीति में बड़े राजनीतिक मायने भी जोड़े जा रहे हैं। अमित जोगी के समर्थक इस फैसले को एक बड़ी जीत मान रहे हैं, और उनके लिए यह राहत की बात है। वहीं, जग्गी परिवार अब सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले का इंतजार कर रहा है, और उन्हें उम्मीद है कि न्याय मिलेगा।

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