गांजा तस्करी
रायगढ़ जिले में पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है, जहां “ऑपरेशन आघात” के तहत अवैध गांजा तस्करी के खिलाफ अभियान जारी है। 22 अप्रैल को खरसिया क्षेत्र में पुलिस ने तीन अंतरराज्यीय गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से 52 किलोग्राम गांजा बरामद किया। यह कार्रवाई जिले में लगातार चल रहे तस्करी विरोधी अभियान का हिस्सा है।
कैसे हुआ खुलासा?
पुलिस को एक मुखबिर से सूचना मिली कि ओडिशा के तीन युवक बड़े बैग में गांजा लेकर खरसिया की ओर आ रहे हैं। एसएसपी शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में, पुलिस ने संदिग्धों की तलाश शुरू की और थानों के साथ-साथ साइबर टीम को भी अलर्ट किया। सूचना के आधार पर, खरसिया रेलवे कॉलोनी के पास तीन संदिग्ध युवकों को देखा गया, जो बैग लेकर इधर-उधर घूम रहे थे और संभवतः गांजा बेचने के लिए ग्राहकों की तलाश में थे।
घेराबंदी और गिरफ्तारी:
पुलिस टीम ने तुरंत चौकी प्रभारी त्रिनाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में योजनाबद्ध घेराबंदी की और तीनों संदिग्धों को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने ओडिशा से गांजा लाने की बात स्वीकार की और बताया कि वे ट्रेन से गांजा लेकर आ रहे थे, लेकिन रेलवे पुलिस की चेकिंग से बचने के लिए खरसिया में उतरकर भागने की कोशिश कर रहे थे।
गांजा की बरामदी और आरोपी:
तलाशी के दौरान पुलिस ने तीनों आरोपियों के पास से क्रमशः 16.1 किलो, 20.4 किलो और 15.5 किलो गांजा बरामद किया। कुल मिलाकर 52 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत ₹25 लाख 62 हजार है।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम हैं:
- दिनेश कुमार बेहरा (22 वर्ष), निवासी कंधमाल, ओडिशा
- शिवा बेहरा (21 वर्ष), निवासी कंधमाल, ओडिशा
- देवी प्रसाद कंहर (19 वर्ष), निवासी कंधमाल, ओडिशा
इन आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 189/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है और उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस टीम की भूमिका:
इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में एसएसपी शशि मोहन सिंह, एडिशनल एसपी अनिल सोनी, साइबर डीएसपी उन्नति ठाकुर, और एसडीओपी प्रभात पटेल की प्रमुख भूमिका रही। इसके अलावा, खरसिया पुलिस टीम और बिलासपुर & रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारियों ने मिलकर यह कार्रवाई की।