हैदराबाद, 16 नवंबर 2024: श्री जॉयदीप दासगुप्ता ने 15 नवंबर 2024 को भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय के अधीन अनुसूची ‘ए’ के नवरत्न स्तर के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम एनएमडीसी लिमिटेड के निदेशक (उत्पादन) के रूप में कार्यभार ग्रहण किया।
श्री दासगुप्ता को इस्पात और खनन उद्योग में तीन दशकों से अधिक के अनुभव के साथ अनुकरणीय नेतृत्व और रणनीतिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। हाल ही में, उन्होंने सेल (SAIL) के बोकारो इस्पात संयंत्र के अधीन झारखंड ग्रुप ऑफ माइन्स में कार्यपालक निदेशक (खान) के रूप में अपनी सेवाएँ दीं, जहाँ उन्होंने प्रणाली सुदृढ़ीकरण, आईएसओ ऑडिट और क्षमता विस्तार परियोजनाओं के सफल निष्पादन का नेतृत्व किया।
इसके अतिरिक्त, श्री दासगुप्ता का इंटरनेशनल कोल वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड (ICVL) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के रूप में कार्यकाल भी उनके करियर का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ। उन्होंने मोजाम्बिक में ICVL के खनन कार्यों का नेतृत्व किया और भारतीय इस्पात कंपनियों जैसे सेल और आरआईएनएल को कोकिंग कोल और थर्मल कोयले का निर्यात सुनिश्चित किया। उनके नेतृत्व में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय संसाधनों और रणनीतिक कोयला आपूर्ति श्रृंखला को सुदृढ़ किया गया।
श्री दासगुप्ता ने बीआईटी-सिंदरी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक किया है। उन्होंने 1991 में सेल में प्रबंधन प्रशिक्षु (तकनीकी) के रूप में अपना करियर शुरू किया और बोकारो स्टील प्लांट के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया।
श्री दासगुप्ता ने ऑस्ट्रिया में एसवीएआई लेंज, ल्यॉबेन, डोनाविट्ज और आइजनर्ज में विशेष तकनीकी प्रशिक्षण के साथ-साथ ईएससीपी, पेरिस में उन्नत वैश्विक तकनीकी-प्रबंधन कार्यक्रम के माध्यम से अपनी विशेषज्ञता को और प्रखर किया है। उन्होंने रूस और सुदूर पूर्व साइबेरिया में भारतीय इस्पात संयंत्रों के लिए वैकल्पिक कोकिंग कोल और पीसीएल आपूर्ति का अन्वेषण कर रहे प्रतिनिधिमंडलों में भारत का प्रतिनिधित्व भी किया है।
एनएमडीसी को विश्वास है कि श्री जॉयदीप दासगुप्ता की व्यापक विशेषज्ञता और दूरदर्शी नेतृत्व कंपनी को 2030 तक 100 मिलियन टन लौह अयस्क उत्पादन क्षमता वाली कंपनी बनने के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होगा।