सुशासन तिहार किसान किताब
गौरेला पेंड्रा मरवाही, 29 मई 2026:
ग्राम पंचायत आमाडोब पटपरी के किसान रूपसिंह नेताम की किसान किताब कुछ समय पहले गुम हो गई थी। किसान किताब न होने की वजह से उन्हें कृषि कार्यों और शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था।
इसी बीच सुशासन तिहार के तहत आमाडोब में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में रूपसिंह नेताम ने द्वितीय प्रति के लिए आवेदन किया।
राजस्व विभाग की तत्परता
- आवेदन मिलने के तुरंत बाद राजस्व विभाग ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी की।
- रूपसिंह नेताम को नई किसान किताब तत्काल उपलब्ध करा दी गई।
किसान की प्रतिक्रिया
रूपसिंह नेताम ने खुशी जाहिर करते हुए कहा:
“सुशासन तिहार आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बन रहा है। पहले छोटे-छोटे कार्यों के लिए कई बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब समस्या का समाधान आसानी से और समय पर हो गया।”
उन्होंने शासन और राजस्व विभाग का धन्यवाद भी किया।
सुशासन तिहार का महत्व
- जनहितकारी पहल: लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण।
- विश्वास मजबूत करना: आमजन और शासन के बीच भरोसा बढ़ाना।
- सरकारी योजनाओं का लाभ: किसानों को उनकी कृषि और योजना से संबंधित सुविधाओं तक आसान पहुँच।