“सड़क दुर्घटना में घायलों को मिल रही पीएम-राहत योजना से त्वरित और कैशलेस इलाज की सुविधा”

“PM राहत योजना सड़क दुर्घटना”


रायपुर: भारत सरकार की प्रधानमंत्री रोड एक्सीडेंट विक्टिम हॉस्पिटलाइजेशन एंड एश्योर्ड ट्रीटमेंट (PM राहत योजना) के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को अब तत्काल और कैशलेस इलाज की सुविधा मिल रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में घायल मरीजों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण इलाज मुहैया कराना है, ताकि उनकी जान बचाई जा सके।

क्या है पीएम-राहत योजना?

PM राहत योजना के तहत, सड़क दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को तत्काल गोल्डन ऑवर में इलाज उपलब्ध कराया जाता है। गोल्डन ऑवर वह महत्वपूर्ण समय होता है जब पहले घंटे में इलाज मिलने से जीवन बचने की संभावना सबसे ज्यादा होती है। योजना के तहत:

  • घायल व्यक्ति को अस्पताल में तत्काल भर्ती किया जाता है।
  • अस्पताल में भर्ती होने के बाद, 7 दिनों तक इलाज के लिए 1.50 लाख रुपए तक की कैशलेस सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
  • यह उपचार निःशुल्क होता है, जिससे वित्तीय चिंताओं से मुक्त होकर घायल व्यक्ति को उपचार मिल सकता है।

राजनांदगांव में योजना का प्रभावी क्रियान्वयन

राजनांदगांव जिले में इस योजना का सक्रिय क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। अब तक 12 सड़क दुर्घटना पीड़ितों का पंजीकरण किया गया है, और उनका इलाज PM राहत योजना के तहत किया गया है। इनमें से:

  • 10 मरीजों का इलाज भारतरत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी मेमोरियल गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, राजनांदगांव में किया गया।
  • 2 मरीजों का उपचार संजीवनी नर्सिंग होम, चिखली में किया गया।

स्वास्थ्य अधिकारियों का योगदान

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य समय पर उपचार देना और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। उन्होंने कहा, “दुर्घटना के बाद के प्रारंभिक समय में अगर त्वरित इलाज मिलता है, तो कई बार लोगों की जान बचाई जा सकती है।”

प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की भूमिका

राजनांदगांव जिले में इस योजना के प्रभावी संचालन के लिए:

  • 34 शासकीय अस्पतालों (जिनमें शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय पेंड्री, जिला चिकित्सालय बसंतपुर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोंगरगांव, छुरिया, डोंगरगढ़, घुमका, सोमनी सहित सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) और
  • 38 निजी अस्पतालों के प्रभारी और संचालकों को प्रशिक्षण दिया गया है।

इस प्रशिक्षण से यह सुनिश्चित किया गया है कि सभी स्वास्थ्य कर्मी इस योजना के तहत प्रभावी रूप से कार्य कर सकें और घायलों को त्वरित इलाज मुहैया करवा सकें।

योजना से संबंधित जानकारी

  • नागरिकों को इस योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए निकटतम स्वास्थ्य केंद्र या मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से संपर्क करने की सलाह दी जाती है।
  • यह योजना सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों को राहत देने और उनकी जान बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

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