शाला प्रवेश उत्सव
शाला प्रवेश उत्सव 2026: उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नवप्रवेशी बच्चों का किया स्वागत, स्कूल के लिए 5 लाख रुपये की घोषणा
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत उत्साह और उमंग के साथ हुई। इसी कड़ी में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड के ग्राम बिजराकछार स्थित शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला में आयोजित विकासखंड स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर और मिठाई खिलाकर स्वागत किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम में बच्चों, अभिभावकों, शिक्षकों और जनप्रतिनिधियों की बड़ी संख्या में मौजूदगी ने आयोजन को यादगार बना दिया। पूरे विद्यालय परिसर में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला।
नवप्रवेशी विद्यार्थियों का हुआ विशेष स्वागत
शाला प्रवेश उत्सव के दौरान उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने विद्यालय में नए प्रवेश लेने वाले बच्चों का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने बच्चों को गुलाल का तिलक लगाकर उनके विद्यार्थी जीवन की नई शुरुआत को खास बनाया।
इस दौरान बच्चों को:
- निःशुल्क शाला गणवेश
- पाठ्य पुस्तकें
- शैक्षणिक सामग्री
वितरित की गईं। बच्चों के चेहरों पर नई किताबें और गणवेश पाकर खुशी साफ दिखाई दे रही थी।
स्कूल को मिली 5 लाख रुपये की सौगात
कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री ने विद्यालय के विकास के लिए महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने शासकीय विद्यालय बिजराकछार में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार हेतु 5 लाख रुपये देने की घोषणा की।
इस राशि का उपयोग किया जाएगा:
- किचन शेड निर्माण
- रंगमंच (स्टेज) निर्माण
इन सुविधाओं के निर्माण से विद्यालय में शैक्षणिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को बेहतर मंच मिलेगा।
शिक्षा को बताया सफलता की सबसे बड़ी कुंजी
अपने संबोधन में श्री अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य हर बच्चे तक बेहतर शिक्षा और आवश्यक सुविधाएं पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बेहद जरूरी है।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा:
“शिक्षा जीवन में सफलता का सबसे मजबूत आधार है। नियमित अध्ययन, अनुशासन और मेहनत से हर विद्यार्थी अपने सपनों को साकार कर सकता है।”
सरकार की प्राथमिकता है गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार सुधार और नवाचार कर रही है ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
सरकार की प्रमुख प्राथमिकताएं:
- सभी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना
- स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार
- आधुनिक शिक्षण वातावरण तैयार करना
- छात्र-छात्राओं को आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराना
- ड्रॉपआउट दर को कम करना
उन्होंने कहा कि बेहतर शिक्षा ही विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत की मजबूत नींव तैयार करेगी।
बच्चों के सपनों को मिलेगी नई उड़ान
श्री साव ने कहा कि प्रदेश के बच्चे भविष्य में समाज और देश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसके लिए उन्हें बेहतर अवसर, संसाधन और शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने अभिभावकों से भी बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने और उन्हें नियमित स्कूल भेजने की अपील की।
उत्साह और उमंग से भरा रहा आयोजन
शाला प्रवेश उत्सव में स्कूल के प्राचार्य, शिक्षकगण, जनप्रतिनिधि, अभिभावक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान बच्चों में नए सत्र को लेकर खास उत्साह देखने को मिला।
शाला प्रवेश उत्सव केवल नए सत्र की शुरुआत नहीं, बल्कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार की पहल और जनभागीदारी से प्रदेश में शिक्षा का स्तर लगातार मजबूत हो रहा है, जिससे हर बच्चे को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।