“1 मई अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर विशेष: छत्तीसगढ़ सरकार की प्रतिबद्धता – हर हाथ को काम, हर श्रमिक को सम्मान”

श्रमिक कल्याण


1 मई को अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस (मजदूर दिवस) पूरी दुनिया में श्रमिकों के अधिकारों, उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने और बेहतर कार्यस्थल परिस्थितियों की आवश्यकता को रेखांकित करने के लिए मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य श्रमिकों के योगदान को सम्मानित करना और उनके संघर्षों को याद करना है। यही नहीं, यह दिन श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करने के लिए एक संकल्प लेने का भी अवसर है। इसी दिन को याद करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने श्रमिकों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत की है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने श्रमिकों की बेहतरी के लिए अनेक योजनाओं को लागू किया है। इन योजनाओं का उद्देश्य श्रमिकों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार लाना है। पिछले दो वर्षों में, लगभग 800 करोड़ रुपये की राशि श्रमिकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की गई है।

प्रमुख योजनाएं:

  • अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना: इस योजना के तहत, श्रमिकों के 200 बच्चों को प्रदेश के उत्कृष्ट निजी स्कूलों में दाखिला दिया जाएगा, ताकि वे बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकें।
  • मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना: श्रमिकों के बच्चों को उच्च शिक्षा के अवसर प्रदान करना।
  • शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना: इस योजना के तहत, 38 भोजन केंद्रों के माध्यम से श्रमिकों को मात्र 5 रुपये में गरम भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। आगामी वर्ष में यह योजना राज्य के सभी जिलों में विस्तारित की जाएगी।

श्रमिकों के कल्याण हेतु राज्य सरकार की योजनाएं

प्रदेश के श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के अनुसार, विष्णु देव साय की सरकार का मुख्य उद्देश्य है कि हर हाथ को काम मिले और हर श्रमिक को उसका उचित दाम मिले। इसके अलावा, यह सुनिश्चित करना भी है कि हर श्रमिक को सम्मानित और सुरक्षित कामकाजी स्थिति मिले।

कुछ अन्य प्रमुख योजनाएं:

  • मुख्यमंत्री श्रमिक औजार किट योजना: श्रमिकों को उनके काम में मदद करने के लिए जरूरी औजारों की मुफ्त व्यवस्था।
  • निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए गणवेश और पुस्तक कॉपी सहायता योजना: श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा में मदद देने के लिए मुफ्त किताबें और गणवेश प्रदान किया जाता है।
  • निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना: श्रमिकों के लिए आवास की राशि में वृद्धि, अब प्रति आवास 1.5 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी।

छत्तीसगढ़ में श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा

वर्तमान में, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के तहत 33 लाख से अधिक श्रमिक पंजीकृत हैं। इस मंडल द्वारा 26 विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है और अब तक कुल 2808 करोड़ रुपये विभिन्न योजनाओं में व्यय किए जा चुके हैं। इसके अलावा, श्रमिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा योजना के तहत 10 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।

कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं (ESI) के तहत श्रमिकों और उनके परिवारों को चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है। इसके लिए राज्य सरकार ने 76 करोड़ 38 लाख रुपये का प्रावधान किया है।

श्रमिकों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का मानना है कि श्रम विभाग श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। इसके लिए उन्होंने श्रम विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे औद्योगिक इकाइयों का औचक निरीक्षण करें और सुनिश्चित करें कि श्रमिकों के अधिकारों का उल्लंघन न हो। यह कदम श्रमिकों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए उठाया गया है।

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