विद्यार्थी संवाद
राजधानी रायपुर में 29 अप्रैल को आयोजित “विद्यार्थी संवाद” कार्यक्रम ने एक नए आयाम को छुआ, जहाँ छात्राओं को न केवल जीवन के अनुभवों से मार्गदर्शन मिला, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी नई दिशा मिली। यह आयोजन संत गोबिंदराम शदाणी कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय की छात्राओं के साथ लोकभवन (छत्तीसगढ़ मंडपम हॉल) में सम्पन्न हुआ, जिसमें प्रमुख अतिथियों के रूप में राज्यपाल रमेन डेका और विधायक पुरंदर मिश्रा उपस्थित थे।
कार्यक्रम की शुरुआत और उद्देश्य
कार्यक्रम की शुरुआत विधायक पुरंदर मिश्रा द्वारा “जय श्री राम” एवं “जय जगन्नाथ” के उद्घोष से हुई, जिससे संपूर्ण वातावरण श्रद्धा और ऊर्जा से भर गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को जीवन की चुनौतियों से निपटने और अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करना था।
विधायक श्री मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि राज्यपाल रमेन डेका के पदभार ग्रहण के बाद प्रदेश में एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी नीतियों की सराहना करते हुए महिला सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे ऐतिहासिक कार्यों का उल्लेख किया। विशेष रूप से उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का उदाहरण दिया और कहा कि यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि एक महिला अब राष्ट्रपति पद पर आसीन हैं।
विद्यार्थियों के साथ संवाद
कार्यक्रम में 150 से अधिक छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और उन्होंने अपने सवालों के माध्यम से जीवन, पढ़ाई और मानसिक स्थिति को बेहतर करने के लिए मार्गदर्शन प्राप्त किया। राज्यपाल रमेन डेका और विधायक पुरंदर मिश्रा ने विद्यार्थियों के सवालों का आत्मीयता से जवाब देते हुए उन्हें जीवन मूल्यों, आत्मविश्वास, और लक्ष्य निर्धारण के विषय में महत्वपूर्ण सलाह दी।
विधायक मिश्रा ने विद्यार्थियों को यह प्रेरणा दी कि वे मन लगाकर पढ़ाई करें, अपने माता-पिता, राज्य, और देश का नाम रोशन करें। इसके अलावा, उन्होंने मोबाइल के संतुलित उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि रात 10 बजे के बाद मोबाइल का उपयोग न करें, ताकि उनकी मानसिक एकाग्रता और स्वास्थ्य बेहतर रह सके। यह एक महत्वपूर्ण टिप था जो विद्यार्थियों को स्मार्ट तरीके से समय प्रबंधन की ओर मार्गदर्शन करता है।
उत्साही छात्राओं के सवाल और मार्गदर्शन
कार्यक्रम में छात्राओं ने परीक्षा के तनाव को नियंत्रित करने, दबाव से निपटने और जीवन में सही लक्ष्य चुनने के बारे में कई सवाल पूछे। राज्यपाल रमेन डेका ने छात्रों को यह समझाया कि आज की मेहनत, कल की पहचान बनाती है। उन्होंने जीवन में लक्ष्य की महत्ता को समझाते हुए कहा कि कठिनाइयाँ केवल एक चरण होती हैं, जो आगे चलकर सफलता की दिशा में मदद करती हैं।
कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम का संयोजन संजय जोशी द्वारा किया गया था, जबकि मंच संचालन कविता शर्मा और वैशाली गौतम हिरवे ने प्रभावी रूप से किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षकगण और जनभागीदारी समिति के सदस्य भी उपस्थित थे, जिनमें दर्शन निहाल, गोपाल सोना, सुरेंद्र छाबड़ा, और अन्य महत्वपूर्ण सदस्य शामिल थे।
कार्यक्रम के अंत में सतीश कन्हैयालाल छुगानी, जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष ने सभी अतिथियों, छात्राओं और आयोजकों का धन्यवाद किया और कार्यक्रम का समापन किया।