नाबालिग लड़के ने दारोगा के भाई के घर में दी जान, पुलिस ने अंबाला से हिरासत में लिया था

बिजनौर के स्योहारा थाना क्षेत्र के गांव गल्ला खेड़ी निवासी चुनमुन सिंह ने 13 अक्टूबर को अपने गांव की नाबालिग बेटी के अपहरण का मुकदमा मुंडा खेड़ी निवासी दीपक कुमार के खिलाफ दर्ज कराया था. जांच में दीपक की लोकेशन अंबाला में पाई गई, जिसके बाद पुलिस की एक टीम अंबाला के लिए रवाना हुई. पुलिस ने मौके से लड़के को गिरफ्तार कर लड़की को बरामद किया. 

गिरफ्तारी के बाद दारोगा सुनील कुमार नाबालिग दीपक और लड़की को लेकर बिजनौर आ रहे थे. रास्ते में अपने भाई के घर रात में दीपक और लड़की को लेकर रुक गए. वहां दीपक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. सवेरे जब इस घटना का पता चला, तो पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. मामले की सूचना उच्च अधिकारियों को दी गई और दीपक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया. 

मृतक दीपक के पिता अरविंद कुमार ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके बेटे की हत्या पुलिस और लड़की के परिजनों ने मिलकर की है. उनका कहना है कि दीपक नाबालिग था और लड़की अपनी मर्जी से उसके साथ गई थी. पिता ने यह भी कहा कि दीपक चंडीगढ़ में काम करता था और अपहरण का आरोप बेबुनियाद है. 

उधर, एसपी अभिषेक झा ने बताया कि प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार मामला आत्महत्या का लग रहा है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही असल स्थिति का पता चल पाएगा. मामले की जांच एसपी पूर्वी धर्म सिंह मार्छल को सौंपी गई है और दारोगा की लापरवाही की जांच भी की जा रही है. 

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