यूपी के वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है।

वाराणसी में गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ाव का प्रभाव वरुणा किनारे के इलाकों में दिखने लगा है। पलट प्रवाह के कारण बुधवार को वरुणा किनारे के रिहायशी इलाकों में भी गंगा जल प्रवेश कर गया। वरुणा की तटवर्ती बस्तियों से पलायन भी शुरू हो गया है। उधर मंगलवार की रात शीतला मंदिर की सीढ़ियों तक पहुंचा पानी बुधवार को गर्भगृह को डुबोते हुए मंदिर की छत तक पहुंच गया। मणिकर्णिका घाट की गली तक बाढ़ का पानी आ चुका है।

अस्सी घाट पर सुबह-ए- बनारस का मंच पानी में डूब गया है। शीतला मंदिर में गंगा के प्रवेश के चलते बुधवार को मां शीतला के मुखौटे को आरती के बाद अहिलेश्वर महादेव मंदिर में स्थापित कर दिया गया। जलस्तर कम होने तक अब नित्य यहीं पूजन-अर्चन और दर्शन होगा। हरिश्चंद्र घाट भी पूरी तरह जलमग्न हो चुका है। वहां अंतिम संस्कार गली में किया जा रहा है।


गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण सभी क्रूज का परिचालन बुधवार से बंद कर दिया गया। अलकनंदा क्रूजलाइन के निदेशक विकास मालवीय ने कहा कि पर्यटकों की सुरक्षा के मद्देनजर सभी क्रूज के संचालन को रोकने का निर्णय लिया गया है। जलस्तर की मॉनिटरिंग की जा रही है। परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल होने के बाद ही क्रूज चलेंगे।


श्मशान घाटों पर शवदाह के लिए स्थान का संकट हो गया है। मणिकर्णिका और हरिश्चंद्रघाट पर शवदाह के लिए चार से पांच घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। मणिकर्णिका घाट की छत पर चिताएं जल रही हैं जबकि हरिश्चंद्र घाट के ठीक ऊपर गली में शवदाह बुधवार शाम से शुरू हो गया। जगह कम होने से अंतिम संस्कार में परिजनों को परेशानी हो रही है।


केंद्रीय जल आयोग के अनुसार बुधवार सुबह आठ बजे जलस्तर 68.02 मीटर था। मंगलवार रात से बुधवार सुबह आठ बजे तक जलस्तर में प्रति घंटे 7.6 की रफ्तार से 92 सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी हुई। इसके बाद बढ़ाव की गति धीमी हुई। बुधवार रात आठ बजे प्रति घंटे 6.5 सेंमी की गति से जलस्तर 68.80 मीटर पर था। 36 घंटों में सवा दो मीटर से ज्यादा बढ़ाव हुआ

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