बहराइच हिंसा में मारे गए रामगोपाल मिश्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट क्या कहती है? जानिए दावों का सच

बहराइच हिंसा में मारे गए रामगोपाल मिश्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट की डिटेल सामने आ गई है. हालांकि, इस रिपोर्ट में रामगोपाल को करंट देने, पैर के नाखून उखाड़ने आदि का जिक्र नहीं है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रामगोपाल के साथ ‘बर्बरता’ की बात को खारिज किया गया है, जैसा की शुरुआती रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था. 

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, रामगोपाल की उम्र 28 साल थी. हालांकि, इससे पहले रिपोर्ट्स में उसकी उम्र 22 साल बताई जा रही थी. रामगोपाल मिश्रा की मृत्यु का कारण ‘एंटीमॉर्टम गनशॉट’ है जिसके कारण ‘सदमा और रक्तस्राव’ हुआ. रिपोर्ट में रामगोपाल के सीने, गर्दन और चेहरे पर कई गोलियों की चोटों (निशान) का विवरण है.  

फिलहाल, इस पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ध्यान देने योग्य महत्वपूर्ण बिंदु निम्नलिखित हैं- इलेक्ट्रोक्यूशन (बिजली से मौत) की थ्योरी को न तो पूरी तरह से खारिज किया जा सकता है और न ही केवल रिपोर्ट से पुष्टि की जा सकती है. इसमें जांच की आवश्यकता है, पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों से बात कर डिटेल ली जा सकती है. 

वहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के शरीर में तीन बड़ी चोट के निशान पाए गए हैं, जिनके बंदूक की गोली से होने की संभावना नहीं है. एक चोट, “माथे के बाईं ओर बाईं भौंह के ठीक ऊपर” और अन्य दो, “बाएं और दाएं पैर के अंगूठे के सामने के सिरे पर है.”

ध्यान देने वाली बात यह है कि रामगोपाल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पैर की उंगलियों में लगी चोट को “गहरी जली हुई चोट” (Deep Burn Injury) बताया गया है. सोशल मीडिया पर रामगोपाल के शव की जो तस्वीरें देखी गई हैं, उनमें पैरों की उंगलियों पर गहरे काले निशान भी हैं. यही वह कारण है जहां से बिजली के झटके और टॉर्चर की थ्योरी पैदा होती है. रिपोर्ट में इन्हें गहरे जलने की चोटें बताया गया है लेकिन यह चोट किस वजह से लगी इसका कोई कारण नहीं बताया गया है. 

ऊपर दिखाई गई तस्वीर में इन तीन (गैर-बंदूक की गोली की चोटों) को चोट संख्या 5 (माथे), 7, और 8 (पैर की उंगलियों) के रूप में दर्शाया गया है. ऐसा कोई उल्लेख नहीं है कि रामगोपाल के नाखून उखाड़े गए थे जैसा की मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया था. 

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रामगोपाल मिश्रा के शरीर पर कुल 8 गंभीर चोटों का जिक्र किया गया है. रिपोर्ट में 40 जगह पर छर्रे लगने से ‘एंट्री वाउंड’ बताया गया. रामगोपाल की छाती से लेकर गर्दन तक 29 छर्रे लगे. जिसमें Right Upper Arm (दाहिनी ऊपरी भुजा) पर 2 छर्रे लगे थे, जबकि 3 छर्रे Left Upper Arm (बाईं ऊपरी भुजा) में लगे. वहीं, चेहरे पर 6 छर्रे लगने का रिपोर्ट में जिक्र है. 

रामगोपाल की गर्दन के पीछे लगी 2 चोट में छर्रे आर-पार हो गए, बॉडी में Exit Wound मिले. जबकि, दाहिने और बाएं पैर के अंगूठे पर भी गहरी जलने की चोट मिली. Left Side Forehead (बाईं ओर का माथा) पर भी एक चोट मिली.

दरअसल, दावा किया जा रहा था कि रामगोपाल मिश्रा की हत्या से पहले उसके साथ जमकर बर्बरता की गई थी. मृतक को करंट भी लगाया था. पैर के नाखून तक उखाड़े गए थे. मगर बहराइच पुलिस ने इन दावों को खारिज कर दिया है. पुलिस ने बाकायदा अपील जारी करते हुए कहा है कि मृतक को लेकर सोशल मीडिया पर जिस तरह की प्रताड़ना की बात फैलाई जा रही है, वह पूरी तरह से गलत है. मृतक की मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर्फ गोली लगना सामने आया है. साथ ही इस पूरी घटना में सिर्फ रामगोपाल की ही मौत हुई है.

आपको बता दें कि बहराइच के थाना हरदी क्षेत्र के रेहुआ मंसूर गांव निवासी रामगोपाल मिश्रा बीते रविवार की शाम करीब 6 बजे दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए निकले जुलूस में शामिल था. ये जुलूस जब महराजगंज बाजार में समुदाय विशेष के मोहल्ले से गुजर रहा था तो दो पक्षों में कहासुनी हो गई. आरोप है कि इस दौरान छतों से पत्थर फेंके जाने लगे, जिससे विसर्जन में भगदड़ मच गई.

इस बीच रामगोपाल को एक घर की छत पर गोली मार दी गई, जिससे उसकी मौत हो गई. रामगोपाल की मौत की खबर के बाद महराजगंज कस्बे में बवाल शुरू हो गया. आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने आरोपी के घर समेत कई वाहनों में तोड़फोड़ की और उसमें आग लगा दी. हिंसा का ये दौर अगले दिन भी जारी रहा. जिसके चलते जिले में भारी पुलिस फोर्स बुलानी पड़ी. खुद सीएम योगी ने मामले का संज्ञान लिया. फिलहाल, हालात सामान्य हैं. 

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