रायगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में वन विभाग और पुलिस ने मिलकर लकड़ी तस्करी के एक बहुत बड़े और संगठित अंतरराज्यीय सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह छत्तीसगढ़ के जंगलों से बेशकीमती खैर और तेंदू लकड़ियों की अवैध कटाई करवाकर उन्हें फर्जी परमिट के सहारे दूसरे राज्यों में खपा रहा था। पुलिस और वन अमले की संयुक्त कार्रवाई में तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि एक वाहन मालिक अभी भी फरार है।
ऐसे हुआ अवैध सिंडिकेट का खुलासा
यह पूरा मामला रायगढ़ जिले के जूटमिल थाना क्षेत्र का है। पिछले साल मई 2025 में वन विभाग को मुखबिर से सूचना मिली थी कि जूटमिल क्षेत्र के जामटीकरा (गढ़उमरिया) स्थित एक गोदाम में भारी मात्रा में अवैध लकड़ियां डंप की गई हैं।
विभाग की टीम ने जब गोदाम पर अचानक छापेमारी (रेड) की, तो वहां हड़कंप मच गया। मौके से टीम ने एक ट्रक में लोड 42 नग तेंदू लट्ठा, गोदाम के अंदर 146 नग तेंदू और खैर के लट्ठे, 9 चट्टा जलाव लकड़ी, कटर मशीन और वजन मापने की मशीन जब्त की। तस्करों ने मौके पर जो ट्रांसपोर्ट परमिट (TP) दिखाया था, उस पर वन परिक्षेत्र अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं थे, जिससे वह प्रथम दृष्टिया पूरी तरह फर्जी निकला।
छत्तीसगढ़ से हरियाणा तक फैला था नेटवर्क
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह और डीएफओ रायगढ़ के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने जब मामले की गहराई से जांच की, तो एक हैरान करने वाला नेटवर्क सामने आया:
- मास्टरमाइंड और गोदाम: आरोपी रोहित मित्तल ने गढ़उमरिया में गोदाम किराए पर ले रखा था और वह अपने पार्टनर मनीष अग्रवाल के साथ मिलकर वनांचल के ग्रामीणों को पैसों का लालच देकर पेड़ों की कटाई करवाता था।
- फर्जी टीपी का खेल: लकड़ियों को वैध दिखाने के लिए फर्जी ट्रांसपोर्ट परमिट तैयार किए जाते थे।
- दूसरे राज्यों में तस्करी: तस्कर भरत मेश्राम और सलाउद्दीन खान जैसे ट्रांसपोर्टर्स की मदद से इन बेशकीमती लकड़ियों को हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, ओड़िशा और मध्यप्रदेश जैसे दूर-दराज के राज्यों में ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा था।
इन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
लंबी कानूनी और तकनीकी विवेचना के बाद, पुलिस ने संगठित अपराध और वन अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए तीन शातिर आरोपियों को धर दबोचा है:
- रोहित मित्तल (निवासी – अग्रसेन कॉलोनी, रायगढ़)
- मनीष अग्रवाल (निवासी – मुड़पार, बलौदाबाजार)
- सलाउद्दीन खान (निवासी – सरसींवा, सारंगढ़-बिलाईगढ़)
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है, वहीं इस सिंडिकेट से जुड़े फरार वाहन मालिक भरत कुमार मेश्राम की तलाश सरगर्मी से की जा रही है।