रायपुर: कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय (KTU) में छात्रों का सब्र आखिरकार जवाब दे गया। हॉस्टल की बदहाल व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं के अभाव से नाराज छात्रों ने आज प्रशासनिक भवन के सामने एक बेहद अनोखा और जोरदार प्रदर्शन किया। छात्र हाथों में थाली, चम्मच, कुकर और कढ़ाई लेकर सीधे कुलपति और रजिस्ट्रार के गेट पर पहुंच गए और जमकर नारेबाजी की।
पीने के पानी में आ रहे कीड़े, महीनेभर से सफाई बंद
प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों का आरोप है कि हॉस्टल के भीतर हालात बद से बदतर हो चुके हैं। स्थिति इतनी दयनीय है कि पीने के पानी में लगातार कीड़े निकल रहे हैं, जिससे छात्रों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
छात्रों ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि:
- सफाई व्यवस्था ठप: पिछले लगभग एक महीने से हॉस्टल में सफाई कर्मचारी नहीं आ रहे हैं, और छात्रों पर ही जबरन झाड़ू लगवाने का दबाव बनाया जा रहा है।
- रिसता हुआ पानी: बारिश के दिनों में हॉस्टल की छतों से लगातार पानी टपकता है, जिससे कमरे जलमग्न हो जाते हैं।
- टूटे दरवाजे और टैंक: हॉस्टल के दरवाजे पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं और पानी की टंकियां भी खराब पड़ी हैं, जिन्हें बदलने की मांग लंबे समय से की जा रही है।
बुनियादी हक के लिए भी संघर्ष
विद्यार्थियों का कहना है कि उन्हें पीने के शुद्ध पानी और वाटर कूलर जैसी बेसिक सुविधाओं के लिए भी बार-बार सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। अपनी 5 सूत्रीय मांगों को लेकर अड़े छात्रों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक प्रशासन लिखित में समस्याओं के समाधान का आश्वासन नहीं देता, उनका यह विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
समस्या सुलझाने के बजाय दबाने का आरोप
छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर तानाशाही रवैया अपनाने का भी गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जब भी वे अपनी आवाज उठाते हैं, तो समस्याओं का समाधान करने के बजाय उल्टा आवाज उठाने वाले विद्यार्थियों पर दबाव बनाया जाता है और उन्हें दबाने की कोशिश की जाती है।
अब देखना यह होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के इस अनोखे प्रदर्शन के बाद कुंभकर्णी नींद से जागता है या फिर छात्रों को न्याय के लिए और लंबा संघर्ष करना पड़ेगा।