गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM): छत्तीसगढ़ में वन्यजीवों की सुरक्षा और उनके अवैध शिकार के खिलाफ वन विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है। ताजा मामला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही वन परिक्षेत्र से सामने आया है, जहाँ एक मृत भालू के पंजे से नाखून काटकर चुराने वाले दो आरोपियों को वन विभाग ने डॉग स्क्वॉड की मदद से दबोच लिया है। आरोपियों के पास से भालू के चारों नाखून बरामद कर लिए गए हैं।
ऐसे हुआ सनसनीखेज खुलासे का पर्दाफाश
वन विभाग को 3 सितंबर को मरवाही वृत्त के उसाढ़ परिसर (कक्ष क्रमांक 2035) में एक भालू के मृत मिलने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही विभागीय अमला तुरंत मौके पर जा पहुंचा।
जब अधिकारियों ने शव का बारीकी से निरीक्षण किया, तो उनके होश उड़ गए। मृत भालू के पिछले दाएं पंजे के चारों नाखून गायब थे, जिससे यह साफ हो गया कि मौत के बाद किसी शातिर ने उसके अंग काट लिए हैं। घटना की गंभीरता को भांपते हुए वन विभाग ने फौरन डॉग स्क्वॉड की टीम को मैदान में उतारा और सघन खोजबीन शुरू की।
डॉग स्क्वॉड ने दो आरोपियों को दबोचा
वन विभाग की डॉग स्क्वॉड और सर्च टीम की मुस्तैदी रंग लाई। पुलिस और वन अमले ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों— सुदर्शन यादव (उम्र 54 वर्ष) और सूरज साहिस (उम्र 20 वर्ष), दोनों निवासी ग्राम बरौर को धर दबोचा।
तलाशी के दौरान दोनों आरोपियों के कब्जे से मृत भालू के चारों नाखून बरामद कर विधिवत जब्त कर लिए गए। वन विभाग ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के कड़े प्रावधानों के तहत दोनों आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है।
फेफड़ों के संक्रमण से हुई थी भालू की मौत
कानूनी और सर्च प्रक्रिया पूरी होने के बाद, पशु चिकित्सकों की विशेष टीम की मौजूदगी में मृत भालू का पोस्टमार्टम कराया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, प्रथम दृष्टया भालू की मौत का कारण तीव्र फेफड़ों का संक्रमण (Severe Lung Infection) पाया गया है। इसके बाद विभाग के अधिकारियों (जिसमें मरवाही के वनमंडलाधिकारी कुमार निशांत भी शामिल रहे) की मौजूदगी में भालू के शव का पूरे विधि-विधान के साथ दाह संस्कार कर दिया गया।
वन विभाग की सख्त अपील
इस घटना के बाद वन विभाग ने प्रदेश के नागरिकों से विशेष अपील की है कि यदि कहीं भी कोई वन्यजीव मृत अवस्था में मिले, तो उसके शरीर या अंगों के साथ बिल्कुल छेड़छाड़ न करें। इसकी सूचना तुरंत नजदीकी वन विभाग कार्यालय को दें। विभाग ने साफ किया है कि वन्यजीवों की सुरक्षा हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है और इसमें जनता का सहयोग बेहद जरूरी है।